पलामू का पारा 44 के पास पहुंचे से बढ़ी बेचैनी, बीमार हो रहे लोग, बिजली आपूति भी घटी
पलामू में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्मी के कारण मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़ गई है। बिजली की मांग में वृद्धि के कारण लोड शेडिंग हो रही है, जिससे नागरिकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

मेदिनीनगर, संवाददाता। पलामू में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिनभर लोग बेहाल रहे। दोपहर के समय शहर की सड़कें लगभग सूनी नजर आईं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। लगातार बढ़ते तापमान का असर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। पलामू में गत शनिवार से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। भीषण गर्मी के कारण मेदिनीनगर के मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
अस्पताल के मेडिसीन विभाग में पिछले दिनों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर, बुखार, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। अन्य अस्पतालों व निजी क्लिनिक में भी चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, अधिक मात्रा में पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग विशेष सावधानी बरतें। एमआरएमसीएच के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ डीके झा ने बताया कि गर्मी के कारण करीब 5 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। सामान्य मरीज के अलावे सर्दी, बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे है। उपचार के बाद वे कुछ दिनों में स्वस्थ भी हो जा रहे है।दूसरी ओर गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से मेदिनीनगर शहर समेत पलामू जिले में बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में 25 से 30 मिनट बिजली आपूर्ति के बाद 10 से 15 मिनट तक लोड शेडिंग की जा रही है। बार-बार बिजली कटने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पंखे और कूलर बंद होने से गर्मी और अधिक असहनीय हो जा रही है। रात के समय भी बिजली कटौती जारी रहने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। शहरी क्षेत्रों में 5 से 6 घंटा और ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से 8 घंटे तक लोड शेडिंग से नागरिकों की बेचैनी बढ़ी हुई है। उपभोक्ता बिजली आपूर्ति कंपनी से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मेदिनीनगर छतरपुर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि दोनों डिवीजन में सामान्य रूप से बिजली आपूर्ति के लिए 150 मेगावाट बिजली की जरूरत है लेकिन अधिकतम 110 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसके कारण शहरी क्षेत्र में 3 से 4 घंटा और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 से 6 घंटा लोड शेडिंग कारण पद रहा है।
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