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28 जनवरी, 2021|2:12|IST

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दो माह से अधिक से किशुनपुर में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना ठप

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सांसद बीड़ी राम के प्रयास से बनी 30 करोड़ की लागत की ‘ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना किशुनपुर की पेयजल सप्लाई तीन माह से बंद है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की यह बृहत पेयजल योजना सांसद बीड़ी राम पहली बार सांसद बनने के बाद पलामू लोक सभा के पाटन के किशुनपुर पंचायत को पहला सांसद आदर्श पंचायत बनाने हेतु बतौर गोद लेने के बाद किशुनपुर ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना की निर्माण कराया गया।

करीब तीन साल के अंदर योजना पूर्ण होने के उपरांत जून 2020 में टेस्टिंग बतौर एक महीना तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जलमीनार, तथा पाइप लाइनों की छोटी मोटी फ़ॉल्टस को ठीक करने हेतु पेयजल सप्लाई शुरू किया था, एक महीना लोगो को सप्लाई पेयजल मिला ।लेकिन जुलाई के आखिरी माह से अबतक सप्लाई बंद है।किशुनपुर जलापूर्ति योजना अंतगर्त पाँच पंचायत के 22 गांव के करीब 25 हजार लोगों के घरों तक पेयजल आपूर्ति की योजना है।योजना के तहत कांकेकला गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है।अमानत नदी में इंटेकवेल से पानी को मैन राइजिंग पाइप से बरसैता, करिहार,और किशुनपुर में बने जलमीनार में भेजा जाता है तथा डिस्ट्रिब्यूशन पाइप से घर घर पानी सप्लाई होती है। उद्घाटन पूर्व सप्लाई शुरू होने से लोगो मे शुद्ध पानी मिलने से खुशी हुई थी।लेकिन काफी दिनों से बंद रहने के कारण फिर से लोग दूषित पानी पीने लगे है।

पेयजल व स्वच्छता विभाग के जेई पीके सिन्हा ने बताया है लो वोल्टेज के कारण इंटेकवेल से पानी राईजिंग पाइप में, एवं वाटर ट्रीटमेंट नही हो पा रहा है । प्लांट को 330 वोल्टेज के जगह 220 वोल्टेज मिल रहा है। पेयजल संयंत्र चलाने के लिये पर्याप्त बिजली चाहिए। 60 एचपी मोटर पंप के लिए अलग बिजली ग्रिड से जोड़ना होगा। लो वोल्टेज के कारण पेयजल आपूर्ति बंद होने की सूचना विभागीय सचिव को दिया जा चुका है।बिजली विभाग को दर्जनो बार से अधिक लिखित बिभाग के द्वारा भेजा गया है।

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  • Web Title:Rural drinking water supply scheme stalled in Kishunpur for more than two months