एमआरएमसीएच के भर्ती मरीजों को लिखी जा रही बाहर की अधिकांश दवाएं

Newswrap हिन्दुस्तान, पलामू
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मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि केवल डॉक्टर की सलाह और बेड ही मुफ्त मिल रहा है, जबकि दवाइयां और जांच बाहर से करानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन इस पर कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है।

एमआरएमसीएच के भर्ती मरीजों को लिखी जा रही बाहर की अधिकांश दवाएं

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) में भर्ती मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने के मामले बढ़ने से मरीज परेशान है। जांच की सुविधाएं भी केवल ओपीडी के समय में उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर निजी जांच घर में जाना पड़ रहा है। मरीज के परिजनों ने यह बताया कि भर्ती मरीजों को देखने वाले डॉक्टर यह कहते है कि यहां केवल फ्री में डॉक्टर की सलाह और बेड उपलब्ध है । दवाएं और जांच बाहर से करानी पड़ेगी। एमआरएमसीएच अधीक्षक डॉ अजय कुमार ने कहा कि इसकी सूचना उन्हें अबतक किसी ने नहीं दी है। मरीज के परिजन डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के साथ उन्हें सूचित करे। अगर डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे है तो संबंधित डॉक्टर पर कारवाई की जाएगी।

मरीजों की परेशानी

एमआरएमसीएच में गुरुवार को कोइरीपतरा निवासी अभय कुमार मेहता ने बताया कि गर्मी के कारण कमजोरी से उनकी पत्नी को हिट मार दिया था। करीब 11 बजे इमरजेंसी में भर्ती कराए है। डॉक्टर ने 4 दवा बाहर का लिखा जिसमें करीब 1200 रुपया खर्च ही गया। उन्होंने बताया कि वे इस उम्मीद से आए थे कि सारा ईलाज फ्री में हो जाएगा मगर ऐसा नहीं हुआ। कटूअल के पास स्थित दुल्ही निवासी 70 वर्षीय विनोद भारती बुधवार से भर्ती है। उनकी पत्नी ने बताया कि भर्ती होने के बाद केवल बेड और स्लाइन पानी ही निःशुल्क मिला है। खून जांच, शुगर जांच और दवाएं बाहर से खरीदे है । उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर पति का इलाज करवा रहे है। करीब 2 हजार रुपया अबतक खर्च हो गया। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को देखने वाले डॉक्टर ने कहा कि यहां केवल डॉक्टर सलाह और बेड निःशुल्क मिलता है ,बाकी दवा बाहर से खरीदना पड़ेगा। करचाली, बोहला निवासी 25 वर्षीय असगरी खातून 3 दिनों से भर्ती है। वह जौंडिस और सर्दी बुखार से पीड़ित है। उनके परिजनों ने बताया कि 3 दिन में करीब 22 हजार रुपए की दवा खरीद चुके है। केवल बेड ही निःशुल्क मिला है। डॉक्टर सारी दवाएं बाहर का लिखते है। सांगबार बनूआ निवासी 45 वर्षीय अनीता देवी ने बताया कि वह 5 दिन से भर्ती है। भर्ती के समय बुखार था , फिर बाप बढ़ गया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर के निर्देश पर सारा दवा बाहर का खरीदे है। अबतक 10 हजार से ज्यादा रुपए खर्च हो गया। उन्होंने बताया कि रात में दर्द बढ़ने पर जब वो नर्स के पास गई तो नर्स बिना देखे डॉक्टर के पास भेजती है。

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मरीजों को अस्पताल में दवाएं मुफ्त मिलती हैं?
नहीं, मरीजों को केवल डॉक्टर की सलाह और बेड निःशुल्क मिलता है, दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
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