पलामू के 1081 स्कूलों में खराब पड़े चापाकलों की होगी मरम्मति
मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू में पड़े रहे अत्यधिक गर्मी के कारण भूमिगत जल स्तर नीचे जा रहा है। इससे चापाकल हांफने लगे हैं। जिले के 1081 स्कूलों में मरम

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू में पड़े रहे अत्यधिक गर्मी के कारण भूमिगत जलस्तर नीचे जा रहा है। इससे चापाकल हांफने लगे हैं। जिले के 1081 स्कूलों में मरम्मत के अभाव में खराब पड़े चापानलों को ठीक करने की पहल शुरू की गई है। समग्र शिक्षा अभियान ने पीएचईडी विभाग को खराब पड़े चापानलों की मरम्मत कराने के लिए सूची उपलब्ध करा दी है, ताकि गर्मी के दिनों में स्कूली बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। वहीं छह स्कूलों में पानी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे समेत शिक्षक और रसोईयों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आसपास के इलाके से बाल्टी में पानी भरकर लाया जा रहा है और प्यास बुझायी जा रही है। साथ ही बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है।समग्र शिक्षा अभियान के सहायक अभियंता निशांत कुमार ने बताया कि 1081 स्कूलों में किसी चापाकल का हैंडल खराब है तो किसी चापाकल में कुछ और खराबी है। उन्होंने कहा कि नावाबाजार के तहीटोला रबदा, इसी प्रखंड के एनपीएस खमडीहा, पांकी प्रखंड के एनपीएस रंगाई, इसी प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय पांकी बाजार, पांकी प्रखंड के मध्य विद्यालय होईओ और सदर प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बजराहा में पानी की सुविधा नहीं है। बजराहा स्कूल में दो बोर कराया गया है,परंतु दोनों बोर फेल हो गया है। इन स्कूलों के कुछ बच्चे घर से ही पानी लेकर स्कूल आते हैं। वहीं एमडीएम बनाने वाली रसोईया आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बाल्टी में पानी लेकर आती हैं और बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार करती हैं।
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