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पलामू के 265 पंचायतों में फंड के अभाव ठप है 623 योजनाएं

पलामू के 265 पंचायतों में फंड के अभाव ठप है 623 योजनाएं

संक्षेप:

पलामू के 21 प्रखंडों के 265 पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2023-24 से फंड न मिलने के कारण विकास कार्य ठप हो गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को जनता के सवालों का जवाब देने में कठिनाई हो रही है। 623 योजनाएं फंड के अभाव में लंबित हैं, जिसमें सड़क, नाली, जलमीनार निर्माण शामिल हैं।

Dec 06, 2025 04:31 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पलामू
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मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू के 21 प्रखंडों के 265 पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2023-24 से अब पंचायत प्रतिनिधियों के फंड नहीं मिलने के कारण पूरी तरह से विकास कार्य ठप हो गया है। फंड के अभाव में विकास कार्य अवरूद्ध हो जाने से पंचायत के प्रतिनिधियों को आम जनता के फजिहत का भी सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के प्रतिनिधियों को आम जनता के सवालों का भी जवाब देना नहीं बन पा रहा है। किसी तरह कन्नी काटकर पंचायत प्रतिनिधि अपनी इज्जत बचा रह रहे हैं। जिले के 265 पंचायतों में फंड के अभाव में विकास कार्य की 623 योजनाएं लंबित पड़ी है।

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जिला पंचायती राज के डीपीएम प्रकाश झा ने बताया कि फंड नहीं मिलने के कारण स्वीकृत किये योजना का काम लंबित पड़ा है। जिले के 265 पंचायतों में 623 योजनाएं लंबित है। इसमें सड़क, नाली,गली, जलमीनार निर्माण आदि की योजनाएं प्रमुख है। उन्होंने कहा कि फंड कब तक आएगा यह कहना मुश्किल है,जब भी फंड जिला को उपलब्ध होगा,बिना देर किये पंचायतों में विकास कार्य के लिए उप आवंटित कर दिया जाएगा। सदर प्रखंड के सुआ पंचायत की मुखिया दुलारी देवी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 से फंड के नाम पर एक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। जनता का काफी दबाव है। आम जनता से किये गए वादों को फंड के अभाव में पूरा नहीं कर पा रहे हैं। आम जनता की सवालों का जवाब देते नहीं बन पा रहा है। अब जनता के बीच में जाने में भी शर्म महसूस होने लगी है। लेस्लीगंज पंचायत की मुखिया रेखा देवी ने कहा कि फंड नहीं मिलने से पंचायत के प्रतिनिधि अपाहिज जैसा महसूस कर रहे हैं। उपर से जनता के सवालों का बौछार से परेशान है। चुनाव के समय जनता से किये वायदे भी पूरा नहीं कर पा रही हैं। जनता जलमीनार, सड़क निर्माण कराने की बात करती है तो जवाब देते नहीं बन पा रहा है। वहीं दूसरी ओर मनरेगा से 97 हजार स्कीम संचालित है। इसमें आवास निर्माण से लेकर सिंचाई कूप निर्माण, मेढ़बंदी, दीदी बाड़ी, पशु शेड निर्माण,टीसीबी आदि का कार्य किया जा रहा है। मनेगा के मटेरियल मद में तीन माह पहले जिले को 18 करोड़ आवंटित किया गया था। इसमें 10.20 करोड़ फंड ट्रांसर्फर ऑर्डर (एफटीओ ) किया गया है।