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अभाविप और एआईएसएफ के विरोध के बाद एनपीयू सिंडिकेट की बैठक स्थगित

हिन्दुस्तान टीम,पलामूNewswrap
Thu, 02 Dec 2021 11:30 PM
अभाविप और एआईएसएफ के विरोध के बाद एनपीयू सिंडिकेट की बैठक स्थगित

मेदिनीनगर। प्रतिनिधि

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और एआईएसएफ के विरोध के बाद गुरुवार को एनपीयू सिंडिकेट की 67वीं बैठक स्थगित कर दी गई। मेदिनीनगर के योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज में सिंडिकेट की बैठक दोपहर तीन बजे से तय थी। बैठक में अपेक्षित सदस्यों के अलावा इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई थी परंतु छात्र संगठनों ने अपने स्रोत से सिंडिकेट की 67वीं बैठक होने की सूचना हासिल की और सदस्यों के साथ विरोध शुरू कर दिया। अभाविप और एआईएसएफ के कार्यकर्ता बैठने, पोस्टर आदि लेकर महिला कॉलेज के मुख्य द्वार को जाम कर नारेबाजी करने लगे। सिंडिकेट की 66वीं बैठक में कॉलेज और एनपीयू कैंपस में छात्रों के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दिया गया था। तब से छात्र संगठन आंदोलनरत थे। छात्र संगठनों ने एपीयू प्रशासन को चुनौती दी कि जब तक छात्र के विरोध में लिये गए निर्णय वापस नहीं होगा, तब तक सिंडिकेट की अगली बैठक नहीं होने दी जायेगी। बैठक को लेकर महिला कॉलेज में पुलिस बल तैनात किया गया था परंतु छात्र काफी उग्र होकर प्रदर्शन करने लगे। मजिस्ट्रेट के रूप में चैनपुर के बीडीओ को प्रतिनियुक्त थे परंतु उनकी बात छात्र सुनने को तैयार नहीं थे। तीन बजे के पहले ही बैठक के निमित एनपीयू के रजिस्ट्रार डॉ राकेश कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार, डीएसडब्लयू आदि महिला कॉलेज पहुंच गये थे। कुछ देर बार सिंडिकेट सदस्य सीएस दुबे पहुंचे तो छात्रों ने उनका विरोध करते हुए महिला कॉलेज में प्रवेश करने से रोक दिया। सीएस दुबे हालांकि उग्र छात्रों को समझाने का काफी प्रयास किया, परंतु छात्र नहीं माने। रजिस्ट्रार डॉ राकेश कुमार ने पौने पांच बजे बैठक स्थगित होने की सूचना दी।

छात्र नेताओं ने गिराए विवि की खामिया : अभाविप के प्रदेश मंत्री राजीव देव पांडेय ने कहा कि सिंडिकेट बैठक में छात्रहित में कोई निर्णय नहीं होता है। छात्र समस्या के निदान करने के प्रति एनपीयू प्रशासन गंभीर नहीं है। सत्र 2017-20 ओल्ड कोर्स के छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है लेकिन विश्वविद्यालय ने अंक पत्र नहीं दिया है। इसके कारण विद्यार्थियों को पार्ट-3 में नामांकन में असुविधा हो रही है। इसके अतिरिक्त सत्र 2017-20 के ही बैकलॉग का परीक्षा परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। परिषद के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विनीत पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता, महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी, परीक्षा में त्रुटियों का अंबार है। मौके पर रोहित देव, अभय वर्मा, सुमित पाठक, रामा शंकर पासवान, अभिषेक रवि, प्रभात दुबे, नितीश दुबे, अरमान पांडेय, मनीष पलटा, गौरव दुबे, बादल कुमार आदि शामिल थे।

जब तक निर्णय नहीं होगा वापस तब तक जारी रहेगा आंदोलन - एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष सुजीत पांडेय ने कहा कि छात्र के हक और अधिकार के विरोध में लिये गए निर्णय जब तक वापस नहीं होगा तब तक केाई भी सिंडिकेट की बैठक नहीं होने दी जाएगी। एनपीयू प्रशासन जितनी भी पुलिस बल को छात्रों के आवाज को दबाने में लगा दे, परंतु पलामू के छात्रों के आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। एआईएसएफ के सदस्यों ने सिंडिकेट सदस्य सीएस दुबे को बैठक में भाग लेने से रोक दिया। सीएस दुबे ने कहा कि उनकी भावनाओं से वे अवगत है। बैठक में उन्हे जाने दिया जाए, ताकि छात्रहित में निर्णय लिया जा सके। हालांकि नारे लगाते हुए उन्हे रोके रखा।

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