सब्सिडी मिलना बंद होने के डर से एलपीजी उपभोक्ता 30 से पहले ई केवाईसी कराने को परेशान
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। अंतिम तिथि 30 जून है। पलामू जिले में गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। 4.84 लाख उपभोक्ताओं में से 72 प्रतिशत ने ई-केवाईसी कराया है। अंत में, उज्जवला योजना के लाभुकों को सब्सिडी के लिए ई-केवाईसी कराना आवश्यक है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) अनिवार्य कर दिया है। ई-केवाईसी कराने के लिए अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है जिसके पहले ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ता परेशान हैं। पलामू जिले में संचालित करीब दो दर्जन से अधिक गैस एजेंसियों में प्रतिदिन उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। अगर उपभोक्ता निर्धारित तिथि तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराएगें तब मिलने वाली सब्सिडी की राशि उनके खाते में नहीं आएगी। पलामू जिले में चार लाख 84 हजार 376 एलपीजी गैस उपभोक्ता हैं। इसमें दो लाख 72 हजार 861 उज्जवला गैस के उपभोक्ता हैं। उज्जवला योजना के लाभुकों को eight और nine किस्त की सब्सिडी प्राप्त करने के लिए ई केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। अभी तक 72 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई केवाईसी कराया है।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया
मेदिनीनगर के भारत खुशी गैस एजेंसी के मैनेजर मुकेश कुमार ने बताया कि प्रतिदिन उपभोक्ता ई केवाईसी कराने के लिए एजेंसी में पहुंच रहे हैं और अपना ई केवाईसी करा रहे हैं। उनके एजेंसी में एलपीजी गैस के 17 हजार उपभोक्ता हैं, इसमें 4500 उपभोक्ता उज्जवला गैस के हैं। अभी तक 82 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपना ई केवाईसी करा लिया है। ई केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को गैस कार्ड, आधार कार्ड के साथ एजेंसी में पहुंचना है। अंगूठा और फेस के माध्यम से ई-केवाईसी किया जा रहा है। पलामू जिले में संचालित गैस एजेंसियों में पहले की तुलना अब बैकलॉग काफी कम हुआ है। जिले में संचालित विभिन्न गैस एजेंसियों में करीब 3500 बैकलॉग चल रहा है। उज्जवला योजना के लाभुक पार्वती देवी ने कहा के हरेक साल ई-केवाईसी कराना पड़ता है। उज्जवला योजना के लाभुकों को सब्सिडी के रूप में 337.76 रुपए मिलता है। जेनरल गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी के रूप में उनके खाते में 37.76 रुपए मिलता है।


