स्पॉन्सरशिप योजना के तहत चयनित 260 बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ
मेदिनीनगर में मिशन वात्सल्य के तहत 260 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। पहले 335 बच्चे इस योजना से लाभान्वित थे। योजना के तहत हर महीने 4000 रुपए की सहायता दी जाती है, लेकिन सरकार ने हाल ही में राशि आवंटन में बदलाव किया है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। केंद्र प्रायोजित मिशन वात्सल्य के तहत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के तहत पलामू जिले में चयनित 260 बच्चों को आवंटन के अभाव में लाभ नहीं दिया जा रहा है। जिले में पूर्व से 335 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक माह चयनित बच्चों के खाते में 4000 रुपए बतौर सहायता दी जाती है। योजना का लाभ एकल अनाथ बच्चा, पूर्ण अनाथ बच्चा के अलावा एचआईवी, कैंसर आदि गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों को इसका लाभ दिया जाता है। जिला प्रशासन के सामाजिक सुरक्षा कोषांग के तहत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के संरक्षण अधिकारी नासीर अंसारी ने बताया कि पहले बच्चों के खाते में पीएफएमएस के माध्यम से राशि भेजी जाती थी, परंतु हाल के दिनों में सरकार ने ट्रेजरी के माध्यम से बच्चों को राशि भुगतान करने का निर्णय लिया है।
पलामू जिले में जो राशि उपलब्ध थी, उसे सरकार ने वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला कमेटी की अगस्त-2025 में बैठक हुई थी। इसी बैठक में 260 नए बच्चों का चयन स्पॉन्सशिप योजना के लिए किया गया है। सरकार से जब भी आवंटन उपलब्ध कराएगी, चयनित बच्चों को राशि प्रदान किया जाएगा। स्पॉन्सरशिप योजना के संरक्षण अधिकारी ने बताया कि शून्य से लेकर 17 आयु वर्ग के वैसे बच्चे जो एक अनाथ है यानि माता-पिता में किसी एक की मृत्यु हो गई है के अलावा पूर्ण अनाथ यर्थात जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है, गंभीर बीमारी यथा कैंसर या एचआईवी से पीड़ित बच्चों को इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाता है। एक बार बच्चे का चयन इस योजना के तहत हो जाने पर तीन सालों तक लगातार चार हजार रुपए दिया जाता है। इसके बाद उस बच्चे को लगता है कि उसे और भी पढ़ाई करने के लिए इस योजना का लाभ की जरूरत है तो दुबारा आवेदन करना पड़ता है। जिला कमेटी अगर दोबारा उसके आवेदन को स्वीकृति प्रदान करती है तो उसे फिर तीन सालों तक राशि दी जाती है। इस योजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि देती है।
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