
सोने-चांदी की खरीदारी धनतरेस में माना जाता है शुभ
मेदिनीनगर में इस वर्ष धनतेरस की खरीदारी शनिवार को सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी। लोग चांदी, सोने के सिक्के और आभूषण खरीदते हैं। पंडित घनश्याम तिवारी के अनुसार, भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन से...
मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। विभिन्न सुखद संयोग के बीच इस वर्ष शनिवार को दिन के 11:30 बजे के बाद से धनतेरस की खरीदारी की जाएगी। धनतेरस में लोग चांदी और सोने के सिक्के आभूषण सहित अन्य चीजों की जमकर खरीदारी करते है। लोगों का ऐसा मानना है कि खरीदी गई चल अचल संपत्ति वर्षो तक रखी जा सकती है और इसका मूल्य में दिन प्रतिदिन वृद्धि ही हो रही है। मां अष्टभुजी मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित घनश्याम तिवारी शांडिल्य के अनुसार समुद्र मंथन के समय सोने के कलश के साथ भगवान धनवंतरी की उत्पत्ति हुई थी। नारायण ही अपने अंश से समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि देव के रूप में 14 रत्नों में अमृत कलश लेकर धनतेरस के ही दिन प्रकट हुए थे।

भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के आचार्य, वैद्य सबसे बड़े चिकित्सक है। इसलिए आम भक्तों के साथ ही डॉक्टरों को विशेष पूजन करना चाहिए। भगवान धन्वंतरि देव को इसलिए इस अवसर पर लोग सोने की खरीदारी अत्यधिक करते है। उन्होंने कहा कि चांदी सुख, समृद्धि और बेहतरी का प्रतिक माना जाता है, इसलिए लोग इसे खरीदते है। कुछ लोग आर्थिक रूप से कमजोर होते ही उन्हें भी पीतल-तांबे के बने द्रव्यों की खरीदारी करनी चाहिए । हालांकि पंडित शांडिल्य ने कहा कि धनतरेस के दिन लोहा की खरीदारी बिल्कुल न करें। इसे खरीदना अशुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदोषकाल में सुबह 4 बजे तक खरीदारी की जा सकती है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




