पलामू जिले में शहर से लेकर गांव तक खड़ें हैं मौत के खंभे, बिजली आपूर्ति कंपनी बेपरवाह

हिन्दुस्तान, पलामू
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पलामू जिले में बिजली की आपूर्ति के लिए लगाए गए पोल और तार जर्जर हो गए हैं। कई पोल झुक गए हैं, जिससे जान का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में एक महिला की मौत भी हुई है। बिजली वितरण कंपनी द्वारा सुधार कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

पलामू जिले में शहर से लेकर गांव तक खड़ें हैं मौत के खंभे, बिजली आपूर्ति कंपनी बेपरवाह

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू जिले में बिजली की सुगम और निर्बाध आपूर्ति के लिए लगाए गए पोल और तार कई जगहों पर जर्जर हो गया है। शहर से लेकर गांव तक कई चौराहों और गलियों में खड़े इलेक्ट्रिक पोल आवश्यकता से अधिक झुक गया है। पोल कभी भी टूटकर किसी की जान ले सकता है। मेदिनीनगर सिटी के साहित्य समाज (भारत माता) चौक से पुलिस लाइन रोड में कई पोल कमजोर हो चुके हैं। जिनपर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। इसी तरह साहित्य समाज (भारत माता) चौक से जेल हाता चौक की ओर जाने वाली 11 केवी के आयरन पाइप पोल की जड़ें जंग लग जाने के कारण कमजोर हो गया है कभी भी पोल गिर सकता है।

गायत्री मंदिर रोड में राजेंद्र नगर सुदना बाईपास जाने वाली गली में पोल कभी भी टूटकर गिरने के कगार पर है। इसके अलावा शहर के कई जगहों पर पोल कमजोर होकर झुक गया है। छतरपुर डिवीजन के अंतर्गत नगर पंचायत और कऊवल सीमा (उदयगढ़ मोड) से फोर लेन एनएच-139 पर 11 केवी के तार झूल रहा है। कई पेड़ो पर तार लटका हुआ है। छतरपुर के विभिन्न हिस्सों में कई चौक चौराहों और गलियों में पोल तार झूल रहे हैं। इसके कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कमजोर पोल होने के कारण हजारीबाग में बुधवार को सब्जी बेच रही महिला पर बिजली पोल गिरने से मौत हो गई है। पलामू में भी तार टूटकर गिरने के कारण आधा दर्जन लोगों की मौत हाल के वर्षो में हो चुकी है। पोल गिरने का कारण कमजोर ढ़ाचा और घटिया क्वालिटी की सामग्री का उपयोग बताया जा रहा है। हालांकि जिले के दोनों डिवीजन के सभी क्षेत्रों में पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत बिजली की इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने और जर्जर पोल तार को बदलने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद भी जिले में बिजली की सुदृढ़ीकरण में पर्याप्त बदलाव नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जर्जर पोल और तार के कारण लोगो को निर्बाध बिजली नहीं मिलता है। बिजली आपूर्ति कंपनी की अनदेखी और अप्रशिक्षित कामगारों के कारण गलत तरीके से खंभों को लगाने से परेशानी और बढ़ रही है। पर्याप्त गहराई और मजबूत सपोर्ट नहीं देने के कारण पोल का पकड़ कमजोर हो गया है। शहर में गलियों और चौक चौराहों के कॉर्नर पर लगाए पोल का भार एंगल के अनुरूप नहीं होने से पोल झुक गया है। शहर के कई जगहों पर लोहे के खंभे खड़े हैं, मगर उसका नीचे का भाग सड़ चुका है। फिर भी उसे बदला नहीं जा रहा है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मेदिनीनगर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि मेदिनीनगर डिवीजन में कमजोर और झुके पोल तार को चिह्नित कर दुरुस्त किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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