बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बगान में पैदा हुए 48000 क्विंटल आम
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम बगान से वित्तीय वर्ष 2026-27 में आम की बिक्री के लिए समाहरणालय परिसर में क्रेता और विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीआरडीए के निदेशक रतन कुमार ने बिक्री व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। मनरेगा की राशि से संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बगान से वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्पादित आम की बिक्री के लिए क्रेता और विक्रेताओं की बैठक बुधवार को समाहरणालय परिसर में कर कार्ययोजना बनाई गई।
बैठक की अध्यक्षता
डीआरडीए के निदेशक रतन कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए आम की बिक्री की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए दोनों पक्ष को प्रोत्साहित किया।
मनरेगा के परियोजना पदाधिकारी उपेंद्र राम ने बताया कि लाभुकों ने अबतक पांच से छह क्विंटल आम बेचा है परंतु छतरपुर और हरिरहगंज प्रखंड सहित 13 प्रखंड के लाभुकों के पास अभी भी बिक्री के लिए 42,640 क्विंटल से ज्यादा आम उपलब्ध है। क्रेता के रूप में किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) और किसान उत्पाद संगठन (एफपीओ) के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित थे। मनरेगा के परियोजना पदाधिकारी ने कहा कि हरिहरगंज और छतरपुर में सर्वाधिक आम हुए हैं। छतरपुर के चेराई और हुटुकदाग के लाभुक क्रमश: मुंद्रिका भगत के पास अभी भी सौ क्विंटल और अभयदेव सिंह के पास 50 क्विंटल आम बिक्री के लिए बचा हुआ है। हुटुकदाग के लाभुक अपने आम को 25 रुपए प्रति किलो की दर से एफपीसी को देने पर सहमति जताई है। चेराई के लाभुक आपस में सहमति बनाकर कंपनी को बताने की बात कही। कुछ लाभुकों ने कहा कि वह खुदरा बाजार में अपने आमों की बिक्री करेंगें। बैठक में झारखंड लाईवली हुड मिशन के परियोजना पदाधिकारी अनीता केरकेट्टा, मनेगा के तकनीकी सहाक संजीत कुमार आदि उपस्थित थे।
बैठक में उपस्थित लोग
फोटो-1-बैठक में उपस्थित मनरेगा के परियोजना निदेशक उपेंद्र राम और अन्य।
सामान्य प्रश्न
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