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टॉयलेट एक प्रेम कथा: शौचालय बना तो दो साल बाद ससुराल लौटी खुशबू

टॉयलेट एक प्रेम कथा: शौचालय बना तो दो साल बाद ससुराल लौटी खुशबू

पाकुड़ की टॉयलेट एक प्रेम कथा को खुशबू निशा बीबी ने खुशनमा अंजाम तक पहुंचाया। ससुराल में शौचालय नहीं होने के चलते वह रूठ कर मायके चली गई थी। मामला कोर्ट में पहुंचा तो पति को शौचालय बनवाने के लिए समय दिया गया।

इसके बाद प्रशासन ने भी मदद की। आखिरकार ससुराल में शौचालय बन गया और खुशबू वापस आ गई। खुशबू को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सम्मानित करने का फैसला किया है।

क्या है मामला: पाकुड़ शहर के बड़ी अलीगंज मुहल्ला निवासी रसूल बख्श के बेटी खुशबू निशा बीबी का निकाह पाकुड़ सदर प्रखंड के इशाकपुर पंचायत के रणडंगा गांव निवासी मंजूर शेख के बेटे हसीबुल शेख के साथ ढाई साल पहले हुआ था। निकाह के बाद खुशबू ससुराल गई। ससुराल में शौचालय नहीं होने पर वह पति से मांग करने लगी। खुशबू का कहना है कि जब भी वह पति से शौचालय बनवाने के लिए कहती थी तो वह मारपीट करने लगता था। इससे आजिज आकर वह मायके चली गई।

अदालत का दरवाजा खटखटाया: इसके लिए उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट ने पति हसीबुल को शौचालय निर्माण के लिए दो माह का समय दिया लेकिन इस अवधि में वह शौचालय नहीं बना सका। खुशबू के पति हसीबुल शेख का कहना था कि वह मजदूरी कर किसी तरह घर चलाता है। ऐसे में वह शौचालय बनाने में असमर्थ है। इसके बाद उसने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार से मदद की गुहार लगाई। अभियंता ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए चार से पांच दिनों में शौचालय का निर्माण करा दिया।

खुशबू को सम्मानित करेगा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग: पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि खुशबू ने शौचालय के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा की। इसके लिए उसे विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को खुशबू से प्रेरणा लेनी चाहिए।

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  • Web Title:Toilet A Love Story: Two years after the toilets were made, returning to the in-laws' scent