नगर में मांस विक्रेताओं पर सख्ती, मानकों का पालन अनिवार्य
- रोज अधिकतम 10 बकरों के वध की अनुमति... नगर में मांस विक्रेताओं पर सख्ती, मानकों का पालन अनिवार्य नगर में मांस विक्रेताओं पर सख्ती, मानकों का पालन अन

नगर परिषद पाकुड़ क्षेत्र में संचालित मांस दुकानों और वधशालाओं पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। नगर परिषद कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार मांस विक्रेताओं को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। इसके लिए पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए जांच के लिए रोस्टर भी जारी कर दिया गया है।
जांच टीम की नियुक्ति
जारी आदेश के अनुसार, झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश तथा नगर परिषद की स्थायी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में नगर क्षेत्र की वधशालाओं की नियमित जांच की जाएगी। जांच टीम प्रत्येक दिन सुबह वधशालाओं का निरीक्षण करेगी और जांच के बाद ही पशुवध की अनुमति दी जाएगी। नगर परिषद की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी वधशाला में प्रतिदिन अधिकतम 10 बकरों/बकरियों के वध की ही अनुमति होगी। इसके अलावा दुकानदारों को प्रतिदिन दुकान में उपलब्ध पशुओं की सही संख्या प्रदर्शित करनी होगी।
जांच के लिए टीमों का गठन
जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। सोमवार और मंगलवार को राजस्व निरीक्षक बसंत प्रजापति, टैक्स दारोगा आनंद कापरी एवं सफाई सुपरवाइजर विवेक कुमार वधशालाओं की जांच करेंगे। वहीं बुधवार और गुरुवार को राजस्व निरीक्षक सौरभ कुमार, राजस्व निरीक्षक भानु प्रकाश एवं कर संग्रहकर्ता शमशेर अंसारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को राजस्व निरीक्षक चंदन कुमार सिंह, विधि सहायक साद असद एवं लाइसेंस इंस्पेक्टर सुमन्तो घोष निरीक्षण कार्य करेंगे।
वध के दिशा-निर्देश
आदेश में वधशालाओं की साफ-सफाई, निर्धारित स्थान पर ही पशुवध, खुले नाले में रक्त प्रवाहित नहीं करने तथा पशुओं के सामने दूसरे पशुओं का वध नहीं करने जैसे निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही गर्भवती, बीमार एवं तीन माह से कम आयु के पशुओं के वध पर पूर्ण रोक लगाई गई है। नगर परिषद ने वध से पूर्व पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और वध के बाद मांस की जांच को भी अनिवार्य किया है। बिना लाइसेंस संचालित दुकानों पर कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये जुर्माना एवं दुकान सील करने की चेतावनी दी गई है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
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