गुरु नानक जयंती पर मनाया प्रकाशोत्सव, श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा

गुरु नानक जयंती पर मनाया प्रकाशोत्सव, श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा

संक्षेप:

पाकुड़ में सिख समुदाय ने गुरु नानक देव की 556वीं जयंती पर प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया। गुरुद्वारों में मत्था टेका गया, गुरू ग्रंथ साहिब का पाठ किया गया, और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय अखंड पाठ के बाद प्रवचन और महाआरती का कार्यक्रम हुआ, जिसमें सिख समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

Nov 05, 2025 05:07 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पाकुड़
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पाकुड़। प्रतिनिधि गुरु नानक देव की 556वीं जयंती पर सिख समुदाय के लोगों ने बुधवार को प्रकाश पर्व मनाया। सिंधीपाड़ा स्थित सेठ हृदुमल गुरुद्वारा व बगानपाड़ा के साध संगत गुरूद्वारा में गुरू नानक देव की जयंती सह प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेका और गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया। गुरुद्वारे में भजन और कीर्तन का विशेष आयोजन भी किया गया। गुरुनानक देव की जयंती पर तीन दिवसीय गुरुग्रंथ साहिब अखंड पाठ की समाप्ति के बाद प्रवचन, शबद कीर्तन व अरदास सहित कई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महोत्सव में सिधी एवं सिख समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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शबद कीर्तन से आसपास का माहौल भक्तिमय हो गया। शबद भजन कीर्तन के समाप्ति के बाद महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव की भक्तिभाव से महाआरती की। भजन कीर्तन एवं गुरु के महाआरती में सिधी व सिख समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सिंधी समाज के पप्पू गंगवानी ने जानदेते हुए बताया कि सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। लेकिन प्रभात फेरी तीन दिनों से निकाली जा रही थी। जिसका समापन प्रकाश पर्व के दिन हुआ। सिख धर्म में सेवा को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। गुरू नानक देव ने सेवा को ही सच्चा धर्म बताया है। उन्होंने एकता का संदेश दिया था कि लोभ, मोह में पड़कर सच्चाई के रास्ते से नहीं भटकना चाहिए। मेहनत की कमाई से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करना उपयुक्त होता है। ईश्वर एक ही है इसलिए हमें सबके साथ मिलजुलकर प्रेम से रहना चाहिए। गुरुनानक देव ने भेदभाव व जाति-पांति का विरोध किया। उनके आदर्शो को जीवन में आत्मसात करते हैं‌। इसके उपरांत गुरुद्वारा साध संगत में गुरू का लंगर आयोजित कर परोसा गया। साध संगत गुरुद्वारे के सदस्य इंद्रपाल सिंह ने बताया कि प्रभात फेरी के दौरान कीर्तन गायन करते हुए सप्ताह भर से प्रभात फेरी निकाली जा रही थी जो गुनानक जयंती के दिन समाप्त हो गया। प्रभात फेरी में शामिल श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया। मौके पर साध संगत गुरूद्वारा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुजराल, सचिव रविंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सदस्य इंद्रपाल सिंह, प्रेम सिंह, प्रकाश कौर, पूनम कौर शामिल थे ।