तेज रफ्तार व ओवरलोड वाहन जान पर बने आफत
महेशपुर प्रखंड में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई चालक नौसिखिए हैं और उनके पास आवश्यक कागजात नहीं होते। लोग जिला परिवहन विभाग से अनुरोध कर रहे हैं कि तीन पहिया वाहनों के चालकों के लाइसेंस की जांच की जाए। स्थानीय पुलिस भी तेज रफ्तार पर कार्रवाई कर रही है।
महेशपुर। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों वैसे दो पहिया, तीन पहिया व चार पहिया वाहनों की तेज रफ्तार से परिचालन तथा ओवरलोड में बाढ़ सी आ गई है। इनमें तो कई चालक नौसिखिए हैं। इस वजह से महेशपुर प्रखंड क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। आम लोगों का मानना है कि जिला परिवहन विभाग द्वारा ऐसे तीन पहिया वाहनों, जो भाड़े पर यात्रियों को ढोने का काम करते हैं, के चालकों का लाइसेंस व वाहनों से संबंधित आवश्यक कागजातों की लगातार जांच किया जाना चाहिए। लोगों के इस सोच के पीछे वजह यह है कि जब भी कभी कोई सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और किसी यात्री की मौत हो जाती है तो पुलिस दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर थाने ले आती है।
काफी दिनों तक खोजबीन करने के बाद भी उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन का कोई भी मालिक या चालक वाहन को अपना बताने के लिए थाने तक नहीं पहुंचता है। इस परिस्थिति में बिना कागजात के चल रहे तीन पहिया व चार पहिया वाहनों के परिचालन से दुर्घटनाग्रस्त होने पर किसी यात्री की मौत या गंभीर रुप से जख्मी हो जाने के बाद तत्काल सही समय पर कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती है। इतना ही नहीं तीन पहिया वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री चढ़ाने से भी चालक और मालिक बाज नहीं आ रहे हैं। साथ ही निर्धारित गति सीमा की अनदेखी कर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण आमलोगों की जान पर आफत बन आई है। लोगों की मानें तो ऐसे अधिकतर वाहन चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है और तो और कई बार तो कम उम्र के नौसिखिओं व नाबालिगों को वाहन चलाते देखा जाता है। भाड़े पर चलने वाले ऐसे तीन पहिया व चार पहिया वाहनों में अधिक लाभ कमाने की लालच में परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से अधिक यात्रियों व सामान (ओवरलोड) ढोने का काम भी धड़ल्ले से किया जाता है। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर बिना आवश्यक कागजात के ऐसे तीन पहिया, चार पहिया वाहनों के परिचालन पर अंकुश लगाने के लिए जांच अभियान भी चलाया जाता है। पर ऐसे वाहन चालक परिवहन विभाग द्वारा ऑनलाइन किए गए जुर्माने की राशि अदा कर फिर से पूर्व की भांति अपने काम में लग जाते हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा भी सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने तथा तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने को लेकर समय-समय पर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। पर ऐसे वाहन चालक अपने अवैध व गलत कार्य के तरीकों में बदलाव लाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जो आने वाले समय के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता है।
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