परिवहन नियमों की अनदेखी, बिना नंबर ट्रैक्टरों का हो रहा परिचालन

May 07, 2026 04:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पाकुड़
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अमड़ापाड़ा में परिवहन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ट्रैक्टर चल रहे हैं, जिनमें नाबालिग चालक हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 90 फीसदी ट्रैक्टरों पर कोई पंजीकरण नहीं है, जिससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

परिवहन नियमों की अनदेखी, बिना नंबर ट्रैक्टरों का हो रहा परिचालन

अमड़ापाड़ा, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों परिवहन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्र की मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ट्रैक्टर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इनमें से अधिकांश ट्रैक्टरों की स्टेयरिंग नाबालिग चालकों के हाथों में सौंप दी गई है, जो आए दिन होने वाले हादसों को दावत दे रहे हैं। ​ग्रामीणों का आरोप है कि अमड़ापाड़ा प्रखंड में चल रहे लगभग 90 फीसदी ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों पर कोई पंजीकरण नंबर अंकित नहीं है। नियमानुसार ट्रैक्टर और ट्रॉली दोनों का अलग-अलग नंबर होना अनिवार्य है।

लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर परिचालन किया जा रहा है। इन ट्रैक्टरों के जरिए क्षमता से अधिक ईंट, बालू और गिट्टी की असुरक्षित तरीके से ढुलाई की जा रही है। चिंताजनक पहलू यह भी है कि इन ट्रैक्टरों में ईंट और गिट्टी की लोडिंग-अनलोडिंग के काम में भी नाबालिग मजदूरों को झोंक दिया गया है, जो सीधे तौर पर बाल श्रम कानून का उल्लंघन है। बारिश के मौसम में भी बिना किसी सुरक्षा उपाय के ये वाहन सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे हैं।​इस पूरी लापरवाही का सबसे स्याह पहलू हिट एंड रन की घटनाएं हैं। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि अगर कोई ट्रैक्टर किसी राहगीर को टक्कर मारकर भाग जाता है, तो बिना नंबर प्लेट के उस वाहन की पहचान कर पाना पूरी तरह नामुमकिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में पुलिस के लिए भी दुर्घटनाकारी वाहन को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है, जिससे दोषी साफ बच निकलते हैं और पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए भटकता रह जाता है। हाल के दिनों में क्षेत्र में ऐसी कई दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। जहां ट्रैक्टरों की वजह से लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। सड़कों पर बिना नंबर के दौड़ते ये वाहन न सिर्फ आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं, बल्कि इससे सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी भारी चूना लग रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना नंबर के चल रहे वाहनों और नाबालिग चालकों के खिलाफ जल्द से जल्द एक विशेष जांच अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों पर लगाम लगाई जा सके।

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