मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
झारखंड के पाकुड़ में मनरेगा कर्मी 21 दिन से हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगें सेवा स्थायीकरण, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा हैं। पिछले 8 महीनों से वेतन न मिलने से कर्मियों में आक्रोश है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो संघर्ष तेज होगा।

पाकुड़। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के मनरेगा कर्मी हड़ताल पर हैं। हड़ताल का आज 21वां दिन है। कर्मियों ने सेवा स्थायीकरण, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगों को लेकर यह मोर्चा खोला है।
प्रदर्शन का कारण
प्रदर्शनकारी कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 8 महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण उनके परिवार के लिए दुर्गा पूजा, दीपावली और होली जैसे त्योहार बेहद फीके रहे। वर्ष 2024 में हुए समझौतों और सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों को अब तक लागू नहीं किए जाने से कर्मियों में भारी आक्रोश है। अपनी स्थिति को 'बंधुआ मजदूरों' के समान बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन है।
सुरक्षा और ड्यूटी पर आपत्ति
कर्मियों ने बिना सुरक्षा के चेक पोस्ट और दंडाधिकारी की ड्यूटी में लगाए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो यह संघर्ष और तेज होगा। हड़ताल के कारण मनरेगा से जुड़ी सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में मनरेगा कर्मियों की कुल संख्या 250 से अधिक है, लेकिन धरना स्थल पर संतोष मुर्मू, ऋषि मरांडी, विक्टर मरांडी और अरुण चौधरी समेत मुट्ठी भर कर्मी ही डटे हुए हैं।
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