
आईटीडीए में करोड़ों की फर्जी निकासी मामला, जांच तेज
पाकुड़ में आईटीडीए में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी के मामले की जांच तेज हो गई है। नगर थाना पुलिस ने बैंक पहुंचकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी ली। तत्कालीन पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन ने कहा कि उन्होंने सभी दस्तावेज सही तरीके से जमा किए थे और यदि उनके हस्ताक्षर पर संदेह हुआ, तो वे जांच में सहयोग करेंगे।
पाकुड़। आईटीडीए में करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी मामले की जांच तेज हो गई है। सोमवार को नगर थाना पुलिस बैंक पहुंची, जहां पुलिस पदाधिकारियों ने संबंधित खातों और लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी ली। पुलिस बैंक अधिकारियों से आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन कर रही है, ताकि फर्जी निकासी की कड़ी को स्पष्ट किया जा सके। इधर, आईटीडीए के तत्कालीन पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन भी सोमवार को आईटीडीए कार्यालय पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं और सेवा अवधि के दौरान सभी दस्तावेज विधिवत रूप से पूर्ण कर विभाग के पदाधिकारियों को सौंप दिए गए थे, जिसकी उन्हें एनओसी भी प्राप्त है।

फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से घोटाले के आरोपों पर लक्ष्मण हरिजन ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है। हालांकि, समाचारों के माध्यम से उन्हें यह जानकारी मिली है कि फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर विभागीय राशि की निकासी का मामला सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में उनके हस्ताक्षर से संबंधित कोई संदेह उत्पन्न होता है, तो वे स्वयं अपने हस्ताक्षर की जांच कराएंगे और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। फिलहाल नगर थाना पुलिस बैंक और विभागीय अभिलेखों की गहन जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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