Hindi NewsJharkhand NewsPakur NewsIncreasing Crop Residue Burning in Pakurdiya Environmental Concerns Rise
पाकुड़िया प्रखंड में किसानों द्वारा खेतों में जलाई  गई पराली

पाकुड़िया प्रखंड में किसानों द्वारा खेतों में जलाई गई पराली

संक्षेप:

पाकुड़िया। एक संवाददाता पंजाब, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों की तरह पाकुड़िया प्रखंड में भी खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाने का प्रचलन यहां तेजी प

Dec 03, 2025 05:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पाकुड़
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पाकुड़िया। एक संवाददाता पंजाब, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों की तरह पाकुड़िया प्रखंड में भी खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाने का प्रचलन यहां तेजी पकड़ने लगा है। जिससे ठंढ़ और कोहरे के इस मौसम में यहां भी वायु की शुद्धता प्रभावित होती महसूस होने लगी है। एक किसान की देखा देखी दूसरे, तीसरे किसान भी खेतों में ही पराली जलाने लगे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। साथ ही पशुओं के लिए चारा आदि की भी कमी होने का खतरा मंडराने लगा है। इससे खेतों की उत्पादकता पर भी असर पड़ने की संभावना है। दरअसल इन दिनों समय की बचत, खेतों से धान ढोकर घर लाने की झंझट, मजदूरों के पलायन के फलस्वरूप कामकाजी सहयोगियों की कमी और मशीनीकरण की नई तकनीक से प्रभावित होकर अब किसान भी पंजाब, हरियाणा की नकल करने लगे हैं जिससे अमूनन रात में खेतों में पराली जलती देखना यहां आम बात होने लगी है।

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इससे पशुओं के समक्ष पुआल जैसे चारे की कमी संभव है। साथ ही प्रदूषण भी तय मानक को पार कर सकता है। भविष्य में पराली जलाने की एक परम्परा शुरू हो सकती है। जिससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ सकता है। समय रहते संज्ञान में लेना जरूरी है वरना बाद में कहीं देर न हो जाए ।