Hindi NewsJharkhand NewsPakur NewsHistoric Garam Pani Mela Preparations Completed in Sidpur Garmkund Jharkhand
सिदपुर गरमपानी मेला आज, जुटेगी लाखों लोगों की भीड़
संक्षेप:
पाकुड़िया के सिदपुर गर्मकुंड में गरमपानी मेले की सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मेले में फूल, मिठाई, मनोरंजन के साधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस एवं मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। मेला मकरसंक्रांति पर 14 से 17 जनवरी तक आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु गरम कुंड में स्नान करने आएंगे।
Jan 13, 2026 05:59 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पाकुड़
पाकुड़िया। प्रखंड के सिदपुर गर्मकुंड में लगने वाले ऐतिहासिक गरमपानी मेले की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मेला परिसर में फूल, प्रसाद एवं मिठाई की दुकानें, मीना बाजार, ग्रामीण कलाकारों द्वारा पत्थर की तराशी घरेलू वस्तुएं, रॉक बाजार, मनोरंजन के विभिन्न साधन जैसे तारामाची, ड्रेगन रेल, बुगीबुगी डांस, संथाली एवं बंगला ड्रामा के रंगमंच इत्यादि सज-धज के तैयार हैं। पाकुड़िया के थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो की अगुवाई में विधि व्यवस्था के लिए पुलिस कैंप, मेडिकल कैंप,जलापूर्ति टैंक, अग्निशमन, ठंड से बचाव हेतु जलावन की लकड़ी, नवनियुक्त रंगरूट ग्रामीण पुलिस की टोली, ड्रेगन टॉर्च आदि सामानों के साथ अन्य सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मेला की तैयारी का जायजा मंगलवार को बीडीओ सोमनाथ बनर्जी एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने स्थानीय मेला कमेटी के साथ संपूर्ण मेला परिसर का भ्रमण कर किया। इस दौरान बीडीओ एवं थाना प्रभारी ने तारामाची संचालकों को तारामाची में चढ़ने वाले पर्यटकों को सेफ्टी बेल्ट पहनाने एवं सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। मेला कमेटी वॉलेंटियर्स को हमेशा आईडी कार्ड पहन कर ही मेला परिसर में शांति व्यवस्था हेतु निगरानी रखने का निर्देश दिया।
प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें बता दें कि गरमकुंड में आस्था की मनमोहक अनुभूति मकरसंक्रांति पर ही होती है। इस अवसर पर यहां का नजारा कुंभ मेले की तरह लगने लगता है। इस दिन यहां काफी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर कुंड परिसर में स्थापित देवाधिदेव महादेव, भगवान भास्कर, बजरंग बली, भगवान श्री गणेश, माता पार्वती सहित अन्य विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा, आराधना और दानकर्म में घंटों लीन हो जाते हैं। प्रकृति प्रदत्त इस कुंड के गर्भ से सालों भर खौलते गरम पानी सैकड़ो वर्षो से अनवरत निकलते आ रहा है। जाड़े की मौसम में यहां स्नान करने पर अदभुत आनन्द और चिर सुकून की अनुभूति होती है। दिसंबर से फ़रवरी तक अहले सुबह तीन बजे से ही स्नान के लिए भीड़ यहां जुटनी शुरू हो जाती है। जानकारों के मुताबिक कुंड के पानी में सल्फर का अंश पाये जाने के कारण यहां स्नान करने से चर्म रोग से भी निजात मिलती है।
झारखंड के अलावे कई राज्यों से पहुंचते है लोग...
इस कुंड में स्नान करने के लिए ना सिर्फ पाकुड़ व झारखंड के जिले, बल्कि पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, बिहार सहित दूर-दूर के राज्यों एवं बंगलादेश, भूटान आदि देशों से भी लोग यहां जाड़े के मौसम में स्नान करने पहुंचते हैं। इसके बारे में बुजुर्गो द्वारा कहा जाता है कि पहले इस गर्मकुंड परिसर में सात खौलता कुंड हुआ करता था और सभी कुंड से इसी तरह खौलता हुआ गरमपानी निकलता था। कालांतर में इनमें से पांच कुंड लुप्त हो गए और वर्तमान में शेष एक ही गर्म कुंड बचा है। जिसमें निर्बाध रूप से गरम पानी निकलते आ रहा है। बुजुर्ग बताते हैं कि पहले इस कुंड में चावल का पोटली बनाकर लोग रख देते थे और कुछ ही देर में उस चावल का भात बन कर तैयार हो जाता था। प्रत्येक साल मकरसंक्रांति पर 14 जनवरी से तीन दिनों तक 17 जनवरी तक यहां प्रसिद्ध गरम पानी मेला का आयोजन होता है। मेले में अलग-अलग प्रकार के मनोरंजन के साधन उपलब्ध होते हैं। जहां लोग सपरिवार मेले का खुब आनन्द उठाते हैं।

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