मेघ गर्जन के साथ हुई झमाझम बारिश, जल-जमाव से लोग परेशान
पाकुड़ में लगातार हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जलजमाव की स्थिति और बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग जल निकासी की कमी और नालियों की सफाई न होने को समस्या का मुख्य कारण मानते हैं।

पाकुड़। पाकुड़ में लगातार हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मालपहाड़ी, कृष्णापुरी कॉलोनी समेत कई निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जल निकासी की समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की सही परिमाणिकता (क्षमता) नहीं होने के कारण हर साल बारिश में यही हालात बनते हैं। सड़कों पर जमा गंदा पानी अब लोगों के घरों के आसपास तक पहुंच गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और अधिक परेशानी भरी हो गई है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी तंत्र की कमी के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं। ऐसे में शहरवासियों ने संबंधित विभाग से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की है।
महेशपुर प्रखंड क्षेत्र में बीती रात शुक्रवार को करीब 11:00 बजे से एकाएक तेज हवा, मेघ गर्जन के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश लगभग तीन घंटे से अधिक शनिवार अहले सुबह करीब 01:30 बजे तक हुई। तेज हवा और बारिश के बाद से ही विद्धुत आपूर्ति भी बाधित हो गई। शनिवार सुबह मौसम साफ रहा और आसमान में सूर्यदेव के दर्शन भी हुए। हालांकि शनिवार सुबह से विद्युत आपूर्ति भी बहाल हो गई थी। पर बिजली का आना-जाना भी लगा रहा। बारिश और हवा से आम के पेड़ों पर लगे आम के फल गिर पड़े। साथ ही प्रखंड मुख्यालय के जर्जर सड़कों के गड्ढों में जल-जमाव भी हो गया। जिस वजह से शनिवार को प्रखंड मुख्यालय में लगने वाले साप्ताहिक हाट आने-जाने में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बड़े हादसे से बचाव
आंधी से बड़ा सारसा में गिर गया पंडाल
लिट्टीपाड़ा। प्रखंड के बड़ासारसा गांव में चल रहे सात दिवसीय श्री श्री शिव कथा के अंतिम दिन शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कथा समापन के तुरंत बाद आए भीषण आंधी और पानी ने कथा स्थल पर बने विशाल पंडाल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। गनीमत रही कि घटना के समय पंडाल खाली हो चुका था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार बड़ासारसा में पिछले सात दिनों से भक्ति का माहौल था और शुक्रवार को इसका विधिवत समापन हुआ। जैसे ही कथा संपन्न हुई और श्रद्धालु अपने घरों की ओर प्रस्थान कर चुके थे, अचानक मौसम ने करवट ली। तेज रफ्तार आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया। हवा का दबाव इतना अधिक था कि मजबूत पंडाल देखते ही देखते जमींदोज हो गया। वही आयोजन समिति के सदस्यों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि ईश्वर की कृपा थी कि कथा समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने कहा अगर यह घटना कथा के दौरान हुई होती, जब पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा था, तो एक बहुत बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
करीब 11 घंटे बाधित रही हिरणपुर में बिजली
हिरणपुर। जरा सी बारिश होते ही क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बीते रात करीब 10 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद 33 हजार लाइन में ब्रेकडाउन हो गया। जिसके कारण पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली गुल होने से लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं सुबह करीब 9 बजे जाकर बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। तब लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में भी बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने बिजली विभाग से व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। ताकि बारिश के दौरान इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।
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