चुनौती व समस्या समाधान में गीता का उपदेश प्रासंगिक : उपानंद
पाकुड़ में नवो दुर्गा मंदिर में पंचवटी गीता परिवार द्वारा गीता जयंती उत्सव का आयोजन किया गया। उपानंद दास बाबाजी ने गीता पाठ और प्रवचन किया, जिसमें उन्होंने गीता के प्राचीन उपदेशों की प्रासंगिकता और मोक्षदा एकादशी के महत्व पर प्रकाश डाला। 200 से अधिक श्रद्धालु उपस्थित हुए और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
पाकुड़। पाकुड़ के नवो दुर्गा मंदिर, बलिहारपुर (नेताजी दुर्गोत्सव समिति) में पंचवटी गीता परिवार द्वारा गीता जयंती उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री श्री उपानंद दास बाबाजी (मालदा, पश्चिम बंगाल) ने गीता पाठ एवं प्रवचन प्रस्तुत किया। बाबाजी ने अपने प्रवचन में बताया कि यद्यपि गीता के उपदेश प्राचीन हैं, परंतु वे आज भी जीवन की हर चुनौती और समस्या के समाधान में प्रासंगिक हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए मोक्षदा एकादशी के महत्व, जीवन में अनुशासन, माता-पिता का सम्मान, अच्छे इंसान बनने और अंततः सच्चे भक्त बनने की प्रेरणा दी। इसके उपरांत टीम सहदेव प्रभु, प्रचारक नमहट्टा पाकुड़ द्वारा संकीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
उत्सव के सफल आयोजन में मनोज चौबे, संजय मंडल, सीतनाथ सरकार, प्रसन्नजीत मंडल, नारायण कर्मकार एवं धनंजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर पाकुड़ एवं समीपवर्ती पश्चिम बंगाल के विभिन्न गाँवों से आए 200 से अधिक श्रद्धालु उपस्थित हुए। सभी श्रद्धालुओं को एकादशी प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गीता परिवार पाकुड़ ने आगामी आयोजनों की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि गीता परिवार धुलियान द्वारा 17 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक सत्संग का आयोजन होगा, जिसमें श्री श्री हरेकृष्ण दास महाराज जी (वृंदावन) पाठ करेंगे। इसके अतिरिक्त 24 दिसंबर 2025 को तारापुर में महामिलन उत्सव आयोजित किया जाएगा। गीता परिवार ने यह भी संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न स्थानों पर भगवद् गीता पाठ और संकीर्तन आयोजित की जाएगी।

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