सालभर मेंटनेंस के बावजूद विद्युत आपूर्ति बदहाल
महेशपुर में पिछले एक सप्ताह से बिजली की अनियमित आपूर्ति से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली विभाग ने 3 दिसंबर 2025 से 15 से 20 दिनों के लिए विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहने की सूचना दी है। छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कठिनाई हो रही है, जबकि उपभोक्ता बिजली विभाग की अनियमितता से चिंतित हैं।

महेशपुर। विगत एक सप्ताह से बिजली की अत्यंत ही अनियमित आपूर्ति से विद्युत उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत आपूर्ति की बात करें तो दिन में बिजली कब आती है और कितने देर रहती है फिर कब गुल हो जाती है, विद्युत उपभोक्ताओं के समझ से परे है। सबसे अहम बिंदु यह कि अनियमित विद्युत आपूर्ति गर्मी और बरसात के मौसम में तेज हवा चलने और बारिश तथा पेड़ों की बढ़ी हुई टहनियों की वजह से फॉल्ट होने की वजह बताई जाती रही थी। पर यह तो ठंड का मौसम है। अभी न तो तेज हवा चल रही है और न ही लगातार झमाझम बारिश।
तो फिर क्या ठंड में भी फॉल्ट की समस्या उत्पन्न होने लगी है। हालांकि कनीय प्रबंधक संचरण अनुमंडल पाकुड़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा अखबारों के माध्यम से आवश्यक सूचना दी गई थी कि, सर्व साधारण को सूचित किया जाता है की दिनांक 03 दिसंबर 2025 से 132/33 के० वी० ग्रिड सब-स्टेशन पाकुड़ में स्थापित दोनों 50 एमवीए ट्रांसफार्मर का बारी-बारी से ऑयल लिकेज अरेस्टिंग एवं ऑयल फिल्टरेशन का अत्यंत ही महत्वपूर्ण कार्य किया जायेगा। इसलिए 132/33 के० वी० ग्रिड सब-स्टेशन पाकुड़ से निकलने वाले सभी 33 के० वी० फीडरों (पाकुड़, बल्लभपुर, दुबराजपुर, हिरणपुर, महेशपुर एवं अमड़ापाड़ा) की विद्युत आपूर्ति 15 से 20 दिनों के लिए आंशिक रूप से बाधित रहेगी। इस प्रेस विज्ञप्ति से विद्युत उपभोक्ता पशोपेश में पड़ गए हैं। क्योंकि प्रेस विज्ञप्ति में 15 से 20 दिनों तक विद्युत आपूर्ति के आंशिक रुप से बाधित रहने का उल्लेख किया गया है। पर बिजली आपूर्ति दिन तो दिन, रात में भी बाधित रहती है। विद्युत उपभोक्ताओं की राय में दिन और रात मिलाकर अगर इतने देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है तो विद्युत विभाग जिसे आंशिक रुप की संज्ञा दे रहे हैं, तो फिर नियमित या पूर्ण रुपेण विद्युत आपूर्ति बाधित रहने को क्या माना जाए। बताते चलें कि इसके कुछ ही महीनों पहले विद्युत विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ऑयल चेंज करने आदि की बात बताकर आंशिक रुप से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की बात बताई गई थी। उस वक्त भी आंशिक रुप से विद्युत आपूर्ति रहने की बात सही साबित नहीं हुई थी। विदित हो कि अगले वर्ष फरवरी माह में जैक की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा होनी निर्धारित की गई है। ऐसे में दिन तो दिन रात में बिजली की अनियमित आपूर्ति की वजह से विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में कितनी परेशानी होती होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि उपायुक्त पाकुड़ मनीष कुमार विगत वर्ष 2025 में संपन्न हुए मैट्रिक और इंटर की बेहतर परीक्षा फल या परिणाम से वर्ष 2026 में और भी बेहतर परिणाम पाकुड़ जिले का हो, इसके लिए निरंतर अथक प्रयास कर उसे अमलीजामा पहनाने को लेकर काफी प्रयत्नशील हैं। पर उपायुक्त पाकुड़ के प्रयासों और सार्थक सोच से इतर विद्युत विभाग तथाकथित आंशिक रुप से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की जगह दिन व रात मिलाकर अति अनियमित विद्युत आपूर्ति करने में जुटा है। आंशिक रुप से का अर्थ थोड़े समय के लिए माना जा सकता है। पर यहां तो आंशिक रुप से का अर्थ ही अलग दिखाई पड़ रहा है।

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