Pakur News: जन समाधान दिवस में पहुंचीं गंभीर शिकायतें, उपायुक्त ने समयबद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश
Pakur News: पाकुड़ में जन समाधान दिवस पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। समस्याओं में शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में अनियमितता, बकाया राशि का भुगतान, लूटपाट की शिकायत आदि शामिल थे। उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।

Pakur News: पाकुड़। प्रशासनिक व्यवस्था की असली कसौटी केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि आम लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान भी होती है। इसी उद्देश्य के साथ मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जन समाधान दिवस में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों को प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष, तथ्यपरक और समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समस्याएं और शिकायतें
जन समाधान दिवस में प्रस्तुत आवेदनों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कुमारभाजा एवं राजबाड़ी में अतिथि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितता और चयन पर पुनर्विचार की मांग, उत्क्रमित मध्य विद्यालय की वर्ष 2023-24 की चारदीवारी निर्माण की बकाया राशि के भुगतान, हथियारबंद लोगों द्वारा घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की शिकायत, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) जारी कराने संबंधी मामला सहित कई व्यक्तिगत एवं जनहित से जुड़े आवेदन शामिल रहे। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
प्रशासन की प्राथमिकता
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निष्पादन इस प्रकार किया जाए कि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ मिल सके।
कार्यवाही की प्रभावशीलता
जन समाधान दिवस केवल शिकायत दर्ज करने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही का भी पैमाना है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि प्राप्त आवेदनों का निस्तारण तय समय-सीमा में कितनी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ होता है तथा शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत कितनी जल्दी मिलती है।


