
छूटे हुए क्षेत्रों में जल्द पूरा करें मैपिंग का काम: डीसी
- मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन पर बीएलओ व पर्यवेक्षकों को मिला प्रशिक्षण... छूटे हुए क्षेत्रों में जल्द पूरा करें मैपिंग का काम: डीसी छूटे हुए क्षेत
छूटे हुए क्षेत्रों में जल्द पूरा करें मैपिंग का काम: डीसी - मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन पर बीएलओ व पर्यवेक्षकों को मिला प्रशिक्षण... पाकुड़, प्रतिनिधि। पाकुड़ जिले में एसआईआर/प्री-एसआईआर, ब्लैक एंड व्हाइट/धुंधला मतदाता पहचान पत्र तथा मतदान केन्द्रों के रेशनलाइजेशन से संबंधित विषयों पर बी०एल०ओ० एवं बी०एल०ओ० पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन रविन्द्र भवन, पाकुड़ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन से संबंधित कार्यों में भारत निर्वाचन आयोग अत्यंत सख्ती से अनुपालन की समीक्षा करता है, इसलिए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है।
उपायुक्त ने उपस्थित कर्मियों को निर्वाचन से संबंधित शपथ दिलाई, जिसमें निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित निर्वाचन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई गई। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष प्रस्तुतिकरण के दौरान आंकड़ों का सुदृढ़ एवं विश्वसनीय होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जिन क्षेत्रों में अब तक मैपिंग पूर्ण नहीं हुई है, वहां अगले दो-तीन दिनों में अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे टोला या क्षेत्र जहां बीएलओ अब तक नहीं पहुंचे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कवर करने को कहा गया। उपायुक्त ने बताया कि पाकुड़ नगर क्षेत्र में अभी भी कुछ ऐसे पोलिंग एरिया हैं जहां मतदाता वंचित रह गए हैं। समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई न होने की स्थिति में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी करने एवं आवश्यक दस्तावेज़ मंगवाने की कार्रवाई की जाएगी। केवल वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं को ही सूची में शामिल किया जाएगा।उपायुक्त ने उदाहरण के माध्यम से बताया कि परिवार के किसी सदस्य का नाम गलत तरीके से हट जाना अथवा मृत मतदाता का नाम सूची में बने रहना कई व्यावहारिक समस्याएँ उत्पन्न करता है। ऐसे मामलों में बी०एल०ओ० एवं पर्यवेक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मृत मतदाताओं के नाम हटाने, स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टि सुधारने तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने का कार्य पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता के साथ किया जाए। प्रत्येक सुपरवाइजर को अपने क्षेत्र के मामलों की स्पष्ट जानकारी रखते हुए सत्यापन के उपरांत ही प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अद्यतन व त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर... अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने अपने संबोधन में कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति, सीमावर्ती क्षेत्र होने तथा नगर परिषद क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों के कारण पूर्व में मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में कुछ चुनौतियाँ सामने आई हैं।उन्होंने सभी कर्मियों से योजना बद्ध और सघन प्रयास करने का आह्वान किया और कहा कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपत्ति या सुनवाई की स्थिति में जिला प्रशासन तथ्यों के साथ सशक्त रूप से अपनी बात रख सके। प्रशिक्षण सत्र में फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, दस्तावेज़ सत्यापन, ऑनलाइन प्रविष्टि, समयबद्ध कार्य निष्पादन और निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। फोटो संख्या-07- प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते पदाधिकारी फोटो संख्या-08- प्रशिक्षण में उपस्थित बीएलओ व पर्यवेक्षक

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