Pakur News: आवास प्लस सूची से हटाए 123 गरीबों के नाम, बीडीओ ने माना सही है शिकायत
Pakur News: डूमरचीर पंचायत में आवास योजना का लाभ देने के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। योग्य लाभुकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं और पंचायत सचिव व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से पैसे की मांग की जा रही है। बीडीओ ने मामले की जांच करवाई और आरोपों को सही पाया है।

Pakur News: अमड़ापाड़ा, एक संवाददाता। प्रखंड के डूमरचीर पंचायत में गरीबों को आवास योजना का लाभ देने के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। सरकारी दावों के उलट पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े लोग ही जरूरतमंद ग्रामीणों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। पंचायत सचिव और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से आवास प्लस योजना की सूची में योग्य लाभुकों के नाम जोड़ने और हटाने के नाम पर अवैध वसूली का मामला प्रकाश में आया है। ताजा मामले में सत्यापन की आड़ में डूमरचीर पंचायत के विभिन्न गांवों के 123 योग्य लाभुकों के नाम सूची से डिलीट कर दिए गए हैं। पंचायत के बड़ा बासको गांव के दर्जनों आदिवासी महिला-पुरुषों ने बीडीओ को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि आवास जियो टैग के नाम पर उनसे पांच सौ से दो हजार रुपए तक की अवैध मांग की गई।
पैसे नहीं देने पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पात्र लाभुकों के नाम भी सूची से हटा दिए गए। ग्रामीणों ने इस पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषी पंचायत सचिव व कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने पर कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए हैं। संबंधित पंचायत सचिव की कार्यशैली नियमों के विपरीत है, उनके विरुद्ध जल्द ही विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामला जब मेरे संज्ञान में आया तो मैंने तुरंत इसकी प्रारंभिक जांच कराई और ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत को सत्य पाया है। संबंधित पंचायत सचिव की कार्यशैली पूरी तरह से सरकारी नियमों के प्रतिकूल और गैर-कानूनी है। उनके विरुद्ध नियमानुसार विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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