Pakur News: आस्था का केंद्र है लक्खीपुर का प्राचीन शिव मंदिर

हिन्दुस्तान, पाकुड़
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Pakur News: महेशपुर के लक्खीपुर गांव में चार सौ वर्ष पुराना शिव मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में तीन शिवलिंग हैं और श्रावण माह के हर सोमवार को सांप का जोड़ा शिवलिंग के पास आता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है।

Pakur News: आस्था का केंद्र है लक्खीपुर का प्राचीन शिव मंदिर

Pakur News: महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के लक्खीपुर गांव में लगभग चार सौ वर्ष पूर्व निर्मित शिव मंदिर श्रद्धालुओं के अटूट आस्था व विश्वास का केंद्र बना हुआ है। अति प्राचीन शिव मंदिर की विशेषता है कि एक शिव मंदिर में तीन शिवलिंग व एक शिव मंदिर में एक शिवलिंग स्थापित है। महा शिवरात्रि पर्व के अवसर पर शिव की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी जाती है।

मंदिर की विधि-विधान

प्राचीन शिव मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि पवित्र श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को सांप के जोड़े शिवलिंग के पास आते हैं और चक्कर लगाकर पुनः जंगल की ओर निकल जाते हैं। पुरोहित समर ठाकुर व कुछ महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि शिव मंदिर परिसर में श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिर में दो सांप का जोड़ा शिवलिंग की परिक्रमा कर बिना किसी को कोई क्षति पहुंचाए वापस चला जाता हैं।

मंदिर की देखभाल

शिव मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद भगवान शिव जरूर पूरी करते हैं। वर्तमान में मंदिर की देखभाल गांव के ही पूर्व के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले वीरेंद्र प्रताप सिंह, रतन कुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, रवि प्रताप सिंह, लक्ष्मीनारायण सिंह करते हैं। अति प्राचीन शिव मंदिर में प्रखंड क्षेत्र के दूर-दराज से श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि पर्व व पवित्र श्रावण महीने में काफी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना को लेकर भीड़ जुटती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्खीपुर गांव का शिव मंदिर कब निर्मित हुआ?
लक्खीपुर गांव का शिव मंदिर लगभग चार सौ वर्ष पूर्व निर्मित हुआ।
Hindustan | Bureau

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