मैं जो कुर्ता पायजामा पहनकर आया हूं, मुझे ओवैसी ने ईद पर दिया था, संसद में बोले BJP सांसद निशिकांत दुबे
संसद का एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है। लोकसभा में निशिकांत दुबे ने ओवैसी का जिक्र करते हुए कहा कि ये जो पायजामा-कुर्ता पहनकर मैं आया हूं न सर, ये ओवैसी साहब ने मुझे ईद पर दिया था। ओवैसी साहब मुझे टोपी पहनाने की कोशिश नहीं करते और मैं उनको टीका लगाने की कोशिश नहीं करता हूं।

संसद का एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है। लोकसभा में निशिकांत दुबे ने ओवैसी का जिक्र करते हुए कहा कि ये जो पायजामा-कुर्ता पहनकर मैं आया हूं न सर, ये ओवैसी साहब ने मुझे ईद पर दिया था। ओवैसी साहब मुझे टोपी पहनाने की कोशिश नहीं करते और मैं उनको टीका लगाने की कोशिश नहीं करता। इस दौरान बीजेपी सांसद ने दुबे ने कहा कि टोपी पहनने से मैं मुसलमान नहीं हो जाऊंगा और टीका लगाने से ओवैसी हिंदू नहीं हो जाएंगे। इस दौरान दुबे ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ओवैसी के साथ की एक कहानी भी सुनाई।
संसद में अपनी बात रखते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि वो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के कट्टर सदस्य हैं और उनका किसी मुसलमान के साथ कोई संबंध नहीं हो सकता है। दुबे ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी और वो एक नदी के दो किनारे हैं, लेकिन जब देश की बात आती है तो दोनों एक साथ खड़े होते हैं।
सुनाया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान का किस्सा
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सऊदी अरब की यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि जब वो और ओवैसी सऊदी अरब पहुंचे तो वहां के विदेश मंत्री ने उनसे कहा कि आपको पाकिस्तान के साथ बात करनी चाहिए। दुबे ने कहा कि इस मामले पर ओवैसी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री को समझाने की कोशिश की लेकिन जब इस कोशिश में नाकाम रहे तो कहा कि निशिकांत जी आप इनको समझाइए।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री के सामने क्या बोले निशिकांत दुबे
सऊदी विदेश मंत्री के पाकिस्तान के साथ बातचीत करने वाली बात का दुबे ने मुंहतोड़ जवाब देने का दावा किया। निशिकांत दुबे ने कहा कि हम आपको अपनी बात सुनाने आए हैं, सुनने नहीं आए हैं। इस दौरान निशिकांत दुबे ने कहा कि ये पुरानी सरकार नहीं है।
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर


