निशिकांत दुबे के इंदिरा गांधी और सोना वाले दावे पर छिड़ा विवाद, अखबार ने फोटो को बताया फर्जी; पर एक सच भी

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क्या भाजपा सांसद निशिकांत दुबे 'फर्जी फोटो' शेयर करके जनता के बीच झूठ फैला रहे हैं? दरअसल सारा विवाद अखबार की एक कटिंग से शुरू हुआ है, जिसे भाजपा सांसद द्वारा भी शेयर किया गया है। निशिकांत दुबे द्वारा द हिंदू अखबार की 6 जून 1967 की एक कटिंग शेयर की है। जानिए क्या है पूरा विवाद…

निशिकांत दुबे के इंदिरा गांधी और सोना वाले दावे पर छिड़ा विवाद, अखबार ने फोटो को बताया फर्जी; पर एक सच भी

क्या भाजपा सांसद निशिकांत दुबे 'फर्जी फोटो' शेयर करके जनता के बीच झूठ फैला रहे हैं? दरअसल सारा विवाद अखबार की एक कटिंग से शुरू हुआ है, जिसे भाजपा सांसद द्वारा भी शेयर किया गया है। निशिकांत दुबे द्वारा द हिंदू अखबार की 6 जून 1967 की एक कटिंग शेयर की है। इसमें दावा है कि इंदिरा ने लोगों से कहा, सोना मत खरीदो। उन्होंने राष्ट्रीय अनुशासन के नाम पर ऐसी अपील की थी। मगर द हिंदू इस तस्वीर को फर्जी करार देते हुए कहा- यह असली पेज नहीं है।

निशिकांत दुबे ने फोटो शेयर करके क्या लिखा?

गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने "Don't buy gold, Indira tells people; appeals for national discipline" नामक हेडलाइन वाली द हिंदू अखबार की कटिंग शेयर करते हुए लिखा- “1967 में राहुल गांधी जी की दादी ने सोना खरीदने से भारत के लोगों को मना किया। इंदिरा गांधी जी इतने पर ही नहीं मानी 1968 में गोल्ड कंट्रोल कानून बना दिया- सोना खरीदने, बेचने, रखने, जेवरात बनाने सब पर पाबंदी।”

द हिंदू ने शेयर की गई फोटो को बताया फर्जी

इस फोटो को निशिकांत दुबे के अलावा भाजपा के अन्य नेताओं द्वारा भी शेयर किया गया है। इनमें कर्नाटक भाजपा के प्रवक्ता विजय प्रकाश भी शामिल हैं। तस्वीर के तेजी से फैलने पर द हिंदू ने एक्स पर लिखा- “सोशल मीडिया पर 6 जून, 1967 के द हिंदू के फ्रंट पेज की डिजिटली बदली हुई एक इमेज घूम रही है। हम यह साफ करना चाहते हैं कि यह हमारे आर्काइव का असली पेज नहीं है। द हिंदू पढ़ने वालों से निवेदन करता है कि वे सावधानी बरतें और शेयर करने से पहले वेरिफाई कर लें।”

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द हिंदू के पॉलिटिकल जर्नलिस्ट ने शेयर की असली फोटो

द हिंदू के पॉलिटिकल जर्नलिस्ट B. Kolappan ने 6 जून, 1967 की एक अन्य तस्वीर भी शेयर की। निशिकांत दुबे द्वारा शेयर की जा रही तस्वीर को झूठा करार देते हुए लिखा- “पहली इमेज डिजिटल रूप से बदला हुआ पेज है जिसे ग़लती से 6 जून, 1967 को द हिंदू का फ्रंट पेज बताकर दिखाया जा रहा है। दूसरी इमेज उस दिन रिलीज़ हुआ असली पेज है।”

असली-नकली तस्वीर

क्या इंदिरा ने सच में सोना नहीं खरीदने का कानून बना दिया था?

द हिंदू के मुताबिक, ये तो स्पष्ट है कि सांसद द्वारा शेयर की जा रही तस्वीर फर्जी है। लेकिन अब सवाल यह उठता है- क्या इंदिरा गांधी ने 1968 में सोना नहीं खरीदने का कानून बना दिया था? हां, यह सच है। “अपील” करने के बजाय उस समय की सरकार ने भारत में सोने की खपत कम करने के लिए कानून का सहारा लिया था।

1968 में इंदिरा गांधी सरकार के दौरान वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू किया, जिसके तहत नागरिकों के लिए सोने की ईंटें (Gold Bars) और सोने के सिक्के रखने पर रोक लगा दी गई थी। इस कानून का उद्देश्य सोने की मांग कम करना, तस्करी रोकना और चीन के साथ सीमा विवादों के बाद भारतीय रुपये की स्थिति को मजबूत करना था। हालांकि बाद में 1990 में इस कानून को समाप्त (रद्द) कर दिया गया।

जानिए पीएम मोदी ने कब की थी ये खास अपील

आपको बताते चलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में जनता को संबोधित करते हुए सोना न खरीदने से जुड़ी खास अपील की थी। पश्चिम एशिया संघर्ष और बढ़ते कच्चे तेल की कीमत के बीच भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर भारी दबाव को बताते हुए, उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा था- "आप लोग गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को, जिसमें शादियों के लिए सोना खरीदना भी शामिल है कम से कम एक साल के लिए टाल दें।"

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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