राशनकार्ड में नाम तो करना होगा ये काम, वरना कट जाएगा; बदल गया नियम

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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राशन कार्ड में जितने लोगों का नाम दर्ज है, सभी को अब समय-समय पर पीडीएस दुकान जाकर स्वयं अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त करना होगा। अगर किसी कारण एक साल तक किसी सदस्य का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होता है तो उसका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा।

अब राशन कार्ड को लेकर नया नियम
राशन कार्ड को लेकर नया नियम

राशन कार्ड में जितने लोगों का नाम दर्ज है, सभी को अब समय-समय पर पीडीएस दुकान जाकर स्वयं अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त करना होगा। अगर किसी कारण एक साल तक किसी सदस्य का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होता है तो उसका नाम राशन कार्ड से काट दिया जाएगा। पहले एक बार केवाईसी कराने के बाद दोबारा अपडेट कराने की जरूरत नहीं पड़ती थी। अब यह नियम बदल गया है। इससे लोगों को जागरूक रहने की जरूरत पड़ेगी।

एक साल के अंदर सबको लगाना होगा अंगूठा

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि एक राशन कार्ड में पांच सदस्यों के नाम हैं तो एक साल के अंदर बीच-बीच में परिवार के दूसरे सदस्यों को अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त करना है। केवल परिवार के मुखिया या एक सदस्य के राशन लेने से अन्य सदस्यों का केवाईसी अपडेट नहीं होगा, जिससे अन्य लोगों का नाम कट सकता है। इसलिए जितने भी सदस्य का नाम कार्ड में है, सभी समय निकालकर अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त करें, जिससे खुद केवाईसी अपटेड होता रहेगा। वहीं पीडीएस दुकानदारों को सभी लाभुकों का केवाईसी अपडेट कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

क्या बोले डीएसओ

इस मामले पर बात करते हुए डीएसओ पंकज कुमार ने बताया कि यदि एक राशन कार्ड में पांच सदस्यों के नाम हैं और किसी कारण एक साल तक किसी सदस्यों का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होता है तो उसका नाम कट जाएगा। इसलिए बायोमेट्रिक देते रहे।

गोदाम के मजदूरों का प्रदर्शन

केंद्र और राज्य सरकार के राशन की आपूर्ति अलग-अलग गोदामों से किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को एफसीआई गोदाम के दर्जनों मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार की नई डायरेक्ट डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) व्यवस्था लागू होने के बाद एसएसएफसी गोदाम के करीब 200 मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। पहले एफसीआई गोदाम से अनाज एसएसएफसी गोदाम लाया जाता था, जहां मजदूर लोडिंग-अनलोडिंग और डीलरों तक आपूर्ति करते थे। अचानक सरकार के नए नियम के लागू होने से बेरोजगार और आर्थिक रूप से असहाय बना दिया है।

Mohammad Azam

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संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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