काम की बात: झारखंड में राशनकार्ड बनाने का नियम बदला, अब डीलर के पास ही होगा रजिस्ट्रेशन

हिन्दुस्तान, रांची
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बीते 1 जून से ही राशन कार्ड बनाने के नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत अब राशन कार्ड के लिए नजदीकी प्रज्ञा केंद्र जाना होगा और रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके बाद मोबाइल में लॉगिन हो जाएगा।

झारखंड में राशनकार्ड बनाने का नियम बदला, अब डीलर के पास ही होगा रजिस्ट्रेशन

राशन कार्ड बनाने के नियम में बदलाव किया गया है। अब राशन कार्ड के लिए आवेदन करने पर आवेदक को सबसे पहले अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र जाना होगा और रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद वह मोबाइल एप्लीकेशन में लॉगिन जाएगा। पहले राशन कार्ड के लिए आवेदन करते ही मामला सीधे प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में चला जाता था। यह नियम एक जून से बदल दिया गया है।

कमियों को दूर करने में आएगी कमी

खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि नियमों के बदलाव से व्यवस्था में अपडेट होगा। अभी 50 हजार से अधिक ई-केवाईसी लंबित है। इसकी वजह यह है कि आवेदन चलाया जा रहा है, लेकिन लोग अपना आधार ई-केवाईसी अपडेट नहीं दे रहे। दूसरी तरफ राशन कार्ड देने में भी दिक्कतें आ रही थीं। इसे देखते हुए यह नियम में बदलाव किया गया है। अब राशन कार्ड के नियम के तहत बनाया जाएगा। जबकि पहले आवेदन करने पर सीधे आवेदन हो जाता था। बाद में आवेदक डीएसओ कार्यालय के बाद आवेदन डीएसओ के लॉगिन में भेजा जाता था। जैसे-जैसे प्रक्रिया होती है, राशन कार्ड ईपीडीएस वेबसाइट पर बन जाता था।

इस मामले की जानकारी देते हुए धनबाद के डीएसओ प्रकाश कुमार ने बताया कि राशन कार्ड बनाने के लिए प्रज्ञा केंद्र में ऑनलाइन कराने के बाद पीडीएस दुकानदार के पास जाकर पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कर नया राशन कार्ड बनाया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन दर्ज होने के बाद आवेदक को अपने क्षेत्र के जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानदार, यानी जिस राशन डीलर से राशन मिलेगा, उसके पास जाना होगा। वहां परिवार के सदस्यों की जानकारी, आधार संख्या और अन्य विवरण का मिलान किया जाएगा तथा आवेदक का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। बिना इस चरण के आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।

परिवार के सदस्यों की होगी ई-केवाईसी

इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी (e-KYC) की जांच की जाएगी। यदि किसी सदस्य का आधार सत्यापित नहीं है या ई-केवाईसी लंबित है, तो आवेदन रोक दिया जा सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले परिवार के सभी सदस्यों का आधार अपडेट और ई-केवाईसी पूरा होना जरूरी है।

जिला आपूर्ति विभाग भी देखता है डॉक्यूमेंट

पीडीएस दुकानदार द्वारा सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन प्रखंड आपूर्ति कार्यालय और जिला आपूर्ति कार्यालय को भेजा जाएगा। वहां अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की पात्रता शर्तों को पूरा करता है या नहीं और परिवार के नाम पर पहले से कोई राशन कार्ड तो नहीं है।

सभी जांच पूरी होने और आवेदन सही पाए जाने पर राशन कार्ड स्वीकृत कर दिया जाएगा। इसके बाद कार्ड का विवरण राज्य के ई-पीडीएस पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा और लाभुक को राशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा। राशन कार्ड बनने के बाद परिवार को निर्धारित दर पर अनाज और अन्य खाद्य सामग्री प्राप्त होने लगेगी।

Mohammad Azam

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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