काम की बात: नए राशन कार्ड के लिए अपलोड करना होगा घर का फोटो, नाम जोड़ने और हटाने के नियम भी बदले

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

New Ration Card Rules: झारखंड में सरकार ने नए राशन कार्ड के नियम बदले हैं। नए कार्ड के लिए घर का फोटो अपलोड करना होगा। नाम जोड़ने और हटाने के भी अलग नियम होंगे।

New Ration Card Rules in jharkhand
झारखंड में नए राशन कार्ड के लिए नियमों में बदलाव हुआ है।

नितेश ओझा, रांची

झारखंड में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) के अंतर्गत नया राशन कार्ड बनवाने, पुराने कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने या हटाने तथा अन्य संशोधनों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आवेदकों को अब पहले से अधिक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। प्रमुख प्रावधान यह है कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लाभुकों को घर की तस्वीर अपलोड करना जरूरी होगा।

आवेदन से पहले संबंधित डीलर के यहां ई-केवाईसी करवाना भी जरूरी किया गया है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का कहना है कि इन नए प्रावधानों से अपात्र लोग राशन कार्ड नहीं बनवा सकेंगे और योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचेगा।

पात्रता के लिए शर्तें

नए को यह भी स्वघोषित करना होगा कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी नहीं देता है। परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से ज्यादा असिंचित भूमि नहीं है, चार पहिया वाहन नहीं है, तीन या अधिक कमरों का पक्का मकान नहीं है। पांच लाख या इससे अधिक कीमत का मशीनचालित कृषि उपकरण भी नहीं है।

बता दें कि विभाग ने हाल ही में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आच्छादित आठ श्रेणियों के अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड रद्द किए हैं। जांच में पता चला था कि कुछ लाभुक सालाना 25 लाख रुपये तक का जीएसटी रिटर्न भरते हुए भी योजना का लाभ उठा रहे थे, जो उनकी बेहतर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा अधिक भूमि के मालिक, दोपहिया वाहन धारक और छह लाख रुपये तक आयकर भरने वाले लाभुकों के कार्ड भी रद्द किए गए हैं।

निर्धारित सीमा व प्रतीक्षा सूची को प्राथमिकता

झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) के अंतर्गत नए राशन कार्ड आवेदन तथा नए सदस्य जोड़ने संबंधी अनुरोधों पर कार्रवाई अब जिलावार निर्धारित सीमा और आवेदकों की प्रतीक्षा सूची में स्थिति के आधार पर की जाएगी। इसी तरह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) स्तर पर लंबित सभी यूआईडी सुधार एवं परिवर्तन अनुरोधों के लिए भी ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। आवेदक द्वारा ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही संबंधित अनुरोध पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

नाम जोड़ने और रद्द करने की प्रक्रिया भी बदली

पुराने राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी बदल दी गई है। यदि सदस्य का नाम जन्म के आधार पर जोड़ा जा रहा है तो जन्मप्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। विवाह के जरिए नाम जुड़वाने पर पिछले राशन कार्ड से सदस्य का नाम हटाए जाने की स्वीकृति का दस्तावेज देना होगा। दत्तक सदस्य जोड़ने के मामले में दत्तक ग्रहण प्रमाण पत्र जरूरी होगा। स्थानांतरित या परिवार से अलग हुए सदस्य के लिए पिछले राशन कार्ड से नाम हटाए जाने का प्रमाण पत्र देना होगा। राशन कार्ड रद्द या सरेंडर की प्रक्रिया अब परिवार के मुखिया की सहमति से ही पूरी होगी। इसके लिए भी यूआईडी आधारित ओटीपी सत्यापन जरूरी होगा।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें
Hindi Newsझारखंड न्यूज़नए राशन कार्ड के लिए अपलोड करना होगा घर का फोटो, नाम जोड़ने के नियम भी बदले