
'न कोई डरा सकता, न ही झुका सकता', झारखंड में बदलाव की अटकलों के बीच क्यों बोले CM हेमंत सोरेन
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे झारखंड को न तो कोई डरा सकता है, न डिगा सकता है और न ही झुका सकता है।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे झारखंड को न तो कोई डरा सकता है, न डिगा सकता है और न ही झुका सकता है। यह राज्य अपनी जिम्मेदारी, भावना और संस्कृति के साथ आगे बढ़ने को तत्पर है। सीएम ने कहा कि सरकार 7721.25 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट लाई है, जो जरूरी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि झारखंड आगे ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष सकारात्मक सवाल करता तो उसे हमारी सरकार माकूल जवाब देती।
मुख्यमंत्री ने कहा, सत्तापक्ष पूरी तरह मौजूद है, लेकिन जिन्हें आईना दिखाना चाहिए वो गायब हैं। सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास सदन में उठाने के लिए न कोई मुद्दा है, न तर्क या संवेदना। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के आचरण को केवल सदन को बाधित करने और अखबारों में छपने तक सीमित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने छात्रवृत्ति जैसे जिन सवालों से सरकार को घेरने की कोशिश की, उनमें वे खुद ही ज्यादा घिर गए। सीएम ने सरकार की ओर से यह बताया कि कैसे केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सवाल उठाने से पहले अपनी गिरेबां में झांकना चाहिए था और अपने वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशविरा करना चाहिए था।
हेमंत ने कहा कि केंद्र सरकार इंडिगो प्रकरण या महंगाई पर कुछ नहीं कहती है। इंडिगो प्रकरण के बाद लाश एयरपोर्ट पर सड़ गए। यात्री लगातार परेशान रहे। एक-एक टिकट 40 हजार रुपये में बेचा गया, पर हैरानी की बात तो यह है कि केंद्र सरकार पर ऐसी घटनाओं का कोई असर नहीं होता।
केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति घटाई, हमने बढ़ाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रवृत्ति के मुद्दे पर केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। कहा कि केंद्र ने आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के बजट में भारी कटौती की है।आदिवासी/दलित समूह की छात्रवृत्ति योजना में 90 से 95 प्रतिशत बजट कम किया गया। मेधा आधारित और आय आधारित छात्रवृत्ति में आवंटन 75 प्रतिशत कम किया गया। तकनीकी संस्थान में अनुदान 61 फीसदी कम किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार राज्य के छात्रों की छात्रवृत्ति कम करने वाली नहीं है।
सीएम ने कहा कि समृद्ध झारखंड के लिए 25 वर्षों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग सुविधा मुहैया कराई गई है। एक्सएलआरआई, रिम्स, एक्सआईएसएस जैसे संस्थानों से छात्रों को मदद मिल रही है। शिक्षकों के लिए भी उच्च संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की गई है।





