मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना; झारखंड में जिन महिलाओं को नहीं मिल रहा पैसा उनके लिए खुशखबरी
3 महिलाओं को बैंक अकाउंट का आधार सीडिंग नहीं होने, नाम मिसमैच, गलत नाम और वेरिफिकेशन पेंडिंग होने के कारण सम्मान राशि नहीं मिल पा रही है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ऐसे मंईया के डेटा सुधार/वेरिफिकेशन की जांच कर रहा है। इसके बाद इन्हें भुगतान होगा।

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना के अंतर्गत कुल 3,05,892 लाभुक ऐसी हैं, जिनके बैंक अकाउंट का आधार सीडिंग नहीं होने, नाम मिसमैच, गलत नाम और वेरिफिकेशन पेंडिंग होने के कारण सम्मान राशि नहीं मिल पा रही है। बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तहत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ऐसे मंईया के डेटा सुधार/वेरिफिकेशन की जांच कर रहा है। योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने और भुगतान सुधार के बाद इन्हें 2500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के नए सचिव उमा शंकर सिंह ने शुक्रवार को मंईया सम्मान योजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना पोर्टल में कुल 7,72,446 आवेदन लंबित होने की बात सामने आई। इसमें सबसे अधिक आवेदन रांची, धनबाद और पलामू जिले के हैं, जहां क्रमश: 71,734, 68,307 और 67,231 आवेदन लंबित हैं। इसके बाद गिरिडीह में 53,800, पश्चिमी सिंहभूम में 48,858, देवघर में 43,692, पूर्वी सिंहभूम में 39,406, बोकारो में 33,009, साहिबगंज में 32,299, रामगढ़ में 29,233, चतरा में 28,193, दुमका में 27,979, गोड्डा में 26,473, सरायकेला-खरसावां में 26,427, खूंटी में 24,772, पाकुड़ में 24,760, लातेहार में 21,092, गिरिडीह में 16,586, कोडरमा में 14,442, गुमला में 10,148, लोहरदगा में 8,977, जामताड़ा में 8,291, खूंटी में 6,633 सहित सिमडेगा में 6,104 आवेदन पोर्टल पर लंबित हैं।
सबसे अधिक ओबीसी वर्ग से
समीक्षा बैठक में लाभुकों की जानकारी के मुताबिक 3,05,892 लाभुकों में से सबसे अधिक 1,34,949 ओबीसी वर्ग की हैं। ओबीसी वर्ग के सबसे अधिक लाभुकों के रिकॉर्ड में सुधार के बाद सम्मान राशि देने के निर्देश दिए गए। प्रमुख तीन जिले गिरिडीह (20,420), रांची (17,974) और हजारीबाग (17,829) हैं। अनुसूचित जाति वर्ग की 89,522, सामान्य वर्ग की 45,271 और एसटी की 36,150 लाभुकों की समीक्षा की जा रही है।
कारण भी बताए गए
बैठक में सभी लाभुकों की सम्मान राशि रोकने के कारणों की भी जानकारी दी गई। इसमें 5438 अमान्य आधार, 66,021 आधार डुप्लीकेट, 15,004 बैंक खाता त्रुटि के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा तीन जिलों में कुल 26,185 लाभुकों के आवेदन विभिन्न कारणों से लंबित हैं। इसमें रांची में 13,622, पश्चिमी सिंहभूम में 6,345 और गोड्डा जिले में 6,218 बिल लंबित हैं।
किस जिले के कितने लाभुकों को मिलेगी राशि
जिला- लाभुक
रांची- 44,417
हजारीबाग- 34,170
गिरिडीह- 33,081
देवघर- 17,403
गढ़वा- 15,072
साहिबगंज- 14,755
प. सिंहभूम- 14,104
धनबाद- 14,318
बोकारो- 12,661
गुमला- 12,519
पूर्वी सिंहभूम- 11,821
चतरा-11,006
पलामू- 10,153
पाकुड़- 9,799
दुमका- 9,164
गोड्डा- 8,612
सरायकेला- 7,326
लातेहार- 4,740
खूंटी- 4,728
सिमडेगा- 4,547
रामगढ़- 4,219
जामताड़ा- 2,938
लोहरदगा- 2,736
कोडरमा- 1,603
कुल- 3,05,892
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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