मैक्सीजोन के निदेशकों ने 16927 निवेशकों से ठगे 308 करोड़, ईडी ने बताया कहां लगाया इन पैसों को ठिकाने?

Feb 17, 2026 10:20 am ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, रांची, झारखंड
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ईडी की जांच में पता चला कि कंपनी गलत तरीके से एनएसई में रजिस्टर होने का दावा कर रही थी। नए निवेशकों से प्राप्त धन का उपयोग पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जा रहा था।

मैक्सीजोन के निदेशकों ने 16927 निवेशकों से ठगे 308 करोड़, ईडी ने बताया कहां लगाया इन पैसों को ठिकाने?

झारखंड में मेसर्स मैक्सजोन टच प्राइवेट लिमिटेड व उसके निदेशकों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह के बैंक खातों, लैपटॉप से मिले साक्ष्यों ये इस बात की पुष्टि हुई है कि कुल 16927 निवेशकों से 307.95 करोड़ रुपए की ठगी निवेश के नाम पर की गई थी। निवेशकों को पॉजी स्कीम के जरिए प्रतिमाह 15 प्रतिशत रिटर्न का दावा किया जाता था।

21 बैंक खातों की जांच में 521.45 करोड़ का लेन-देन

ईडी ने जांच के क्रम में 21 बैंक खातों की पड़ताल की। बैंक खातों की पड़ताल में कुल 521.45 करोड़ के लेन-देने की पुष्टि हुई। ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि 249.69 करोड़ की राशि को रोटेट किया गया। वहीं जांच में यह बात भी सामने आयी है कि 58.27 करोड़ रुपये रियल एस्टेट, गोल्ड ज्वेलरी की खरीद और क्रिप्टो करैंसी में लगाए गए थे। आरोपी चंद्रभूषण सिंह ने दीपक सिंह के नाम से फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाकर एजेंसी से बचने की कोशिश भी की थी। वर्तमान में चंद्रशेखर सिंह व प्रियंका सिंह जेल में हैं। ईडी ने अबतक की जांच में 11 करोड़ रुपए की राशि को अस्थायी तौर पर केस में अटैच किया है।

NSE एक्सचेंज में अधिकृत होने का दावा गलत

ईडी की जांच में पता चला कि कंपनी गलत तरीके से एनएसई में रजिस्टर होने का दावा कर रही थी। नए निवेशकों से प्राप्त धन का उपयोग पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने जनता को धोखा देने के लिए NSE के अधिकृत व्यक्ति होने का गलत दावा किया, जबकि RBI ने पुष्टि की कि कंपनी के पास कोई NBFC पंजीकरण नहीं था, कंपनी शुरू से ही गलत तरीके से पैसे जमा करा रही थी। ईडी ने पूरे स्कीम को ही अवैध माना है।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

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