मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थियों को मिलेगा 20 हजार का लोन, कैसे करें आवेदन
झारखंड सरकार ‘मंईयां’ लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बड़ा तोहफा देने जा रही है। वित्त मंत्री इसके लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रहे हैं। इसके तहत मंईयां योजना की सभी लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20 हजार रुपये लोन दिया जाएगा। इसकी आवेदन प्रक्रिया एकदम आसान है।

झारखंड सरकार ‘मंईयां’ लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बड़ा तोहफा देने जा रही है। वित्त मंत्री इसके लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रहे हैं। इसके तहत मंईयां योजना की सभी लाभुकों को स्वरोजगार के लिए बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20 हजार रुपये लोन दिया जाएगा। इसकी आवेदन प्रक्रिया भी बेहद आसान बनाई गई है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शनिवार को इसको लेकर राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड व अन्य बैंकों के साथ प्रोजेक्ट भवन में बैठक की। बैकों ने इस योजना को लेकर सहमति जताई। अब वित्त विभाग बैंकों के साथ मिलकर इसके लिए जरूरी मानदंड तय करेगा।
सूत्रों का कहना है कि अब इसे राज्य सरकार के बजट में पेश किया जाएगा। इसके बाद अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च को शुरुआत की जाएगी। फिलहाल तय किया गया है कि ‘मंईयां’ सम्मान के 45 वर्ष तक के लाभुकों को आसान आवेदन प्रक्रिया से लोन दिया जाएगा। लोन की राशि पांच साल में आसान किस्तों में वापस ली जा सकती है, ताकि ‘मंईयां’ के 50 साल पूरा होने पर यदि योजना की लाभुक बाहर जाती हैं तो लोन रिकवरी का झंझट नहीं रहे।
सरल आवेदन प्रक्रिया से लोन
लोन के लिए सरल आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लाभुकों को केवल आधार कार्ड और पिछले छह माह का बैंक खाते का विवरण देना होगा। ऋण दस्तावेजों के लिए मात्र ₹एक रुपए के रेवेन्यू स्टैंप का उपयोग करने का प्रावधान रह सकता है। बैंकों में ‘मंईयां ऋण डेस्क’ स्थापित होंगे, जहां आवेदन के सात दिनों के अंदर लोन स्वीकृत होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक सखी मंईयां को लोन की प्रक्रिया समझाएंगी।
ऋण पोर्टल भी बनेगा
योजना के लिए एक विशेष ‘मंईयां ऋण पोर्टल’ विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से ऋण वितरण, भुगतान स्थिति और ऋण अपग्रेड की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकेगी। इसमें प्रशासनिक भूमिका को न्यूनतम रखते हुए बैंकों को ही पात्रता सत्यापन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी लाभार्थियों को व्यवसाय चयन और प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। महिलाएं मनिहारी दुकान, सिलाई केंद्र, मशरूम उत्पादन, मसाला प्रसंस्करण और पशुपालन जैसे कार्य शुरू कर सकेंगी।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
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