
फिल्मी अंदाज में बैंक 2 करोड़ से लूटे, फिर चोर ने डांस भी किया; देवघर में सबसे बड़ी डकैती
संक्षेप: झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर में HDFC बैंक में छह हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और सोना लूटा, अपराधियों ने बैंक के कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर इस घटना को अंजाम दिया।
देवघर शहर के मधुपुर राजबाड़ी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में सोमवार को दिनदहाड़े छह हथियारबंद अपराधियों ने दो करोड़ रुपये से अधिक का डाका डाला। इस दौरान करीब आधे घंटे तक बैंक अधिकारी, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाए रखा और उनके साथ मारपीट की। उनके फोन भी छीन लिए। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी बाइक पर सवार होकर आराम से फरार हो गए। पिटाई से बैंककर्मी उत्तम दास की हालत गंभीर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, अपराधियों ने 1 करोड़ 64 लाख 39 हजार रुपये नकद और करीब 40 लाख रुपये का सोना लूटा।

इधर, घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद, प्रभारी थाना प्रभारी युनूस अंसारी सदल-बल घटनास्थल पहुंचे और बैंक अधिकारी और ग्राहकों से पूछताछ की। पुलिस अपराधियों का सुराग पाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालरही है। साथ ही सघन छापेमारी भी कर रही है।
पूछताछ के अनुसार, अपराधी तीन बाइक से बैंक पहुंचे थे और वारदात को अंजाम देकर तीन बैग में कैश और सोना लेकर अलग-अलग रास्ते से भाग निकले। भागने के क्रम में नोटों से भरा बैग बैंक के बाहर गिर गया। हालांकि, अपराधी उसे उठाकर भागने में सफल रहे। लूटे गए नकद और सोने के मूल्य का आधिकारिक रूप से आकलन किया जा रहा है।
बगैर हथियार ड्यूटी करते हैं दो गार्ड
एचडीएफसी बैंक में तैनात दो गार्ड आफताब और शंकर पंडित बगैर हथियार के ड्यूटी करते हैं। अपराधी जब बैंक में घुसे तो पिस्तौल का भय दिखाकर सभी को कब्जे में ले लिया। सभी के मोबाइल छीन लिए और सभी के हाथ में टेप चिपका दिया। बैंक में 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। कैश काउंटर और चेस्ट में रखा नकदी व सोना अपराधी ले गए। अपराधियों ने बैंककर्मी उत्तम दास के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे उसकी स्थिति गंभीर हो गयी है। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। कई बैंककर्मी व ग्राहकों को भी मारपीट में मामूली चोट आई है।
बताया जाता है की पूरी घटना को अंजाम देने के बाद एक अपराधी बैंक से निकलते समय खुशी में डांस करने लगा और फिर अपने सहयोगियों के साथ बाहर निकल गया। पुलिस ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।
एचडीएफसी मधुपुर शाखा में जिले की सबसे बड़ी बैंक डकैती के बाद पुलिस-प्रशासन के हाथ-पैर फूल रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक बैंक से हुई लूट को लेकर मैनेजर की ओर से उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार डकैतों ने बैंक से 1 करोड़ 70 लाख रुपए लूट लिए। वहीं लूटे गए सोना को लेकर आधिकारिक बयान तो नहीं आ सका है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 42 पैकेट में रखे सोने अपराधियों ने लूटे हैं। चंद दिनों पहले योगदान देने वाले नए एसपी सौरभ के लिए भी यह किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि पदभार ग्रहण करने के तीसरे दिन ही बैंक में डाला पड़ गया।
एसपी सौरभ मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंच छानबीन की। बदमाशों की धर-पकड़ के लिए एसपी ने टीम गठित की है, जो तबाड़तोड़ छापेमारी कर रही है। उधर, पुलिस ने मधुपुर थाना क्षेत्र के टिटहियांबाक से एक लावारिस बाइक बरामद की गई है। आशंका की जाताई जा रही है कि उक्त बाइक बैंक डकैतों की हो सकती है। पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके ऑनर का पता लगा रही है। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि छह में दो डकैत बुर्का और हेलमेट पहने थे, जबकि चार का चेहरा खुला हुआ था। वहीं इस घटना के बाद यह भी बड़ा सवाल उठ रहा है कि बुर्का व हेलमेट पहने बदमाश बैंक में घुसे कैसे, यह जांच का विषय है।
डकैती कांड की जांच को पहुंचे डीआईजी अंबर लकड़ा
एचडीएफसी बैंक डकैती मामले की जांच के लिए संतालपरगना जोन के डीआईजी अंबर लकड़ा सोमवार रात मधुपुर थाना पहुंचे। डीआईजी ने एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक धीरज कुमार से पूरे मामले की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। पूछताछ के बाद डीआईजी अंबर लकड़ा ने सिर्फ इतना कहा कि पुलिस पूरे मामले के अनुसंधान में जुटी है। जल्द ही मामले का उद्भेदन पुलिस कर लेगी।
मंत्री व पूर्व सांसद का मकान तक सुरक्षित नहीं : राज
दिनदहाड़े डकैती ने एक बार फिर जिले की कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। खास बात यह है कि पूर्व सांसद सह कांग्रेस के बड़े अल्पसंख्यक नेता फुरकान अंसारी और सूबे के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के घर पर किराए पर संचालित बैंक में डकैती हुई है। अगर कैबिनेट मंत्री व पूर्व सांसद का घर परिसर सुरक्षित नहीं है तो यहां कौन सुरक्षित है। उक्त बातें सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज पलिवार ने कही है।





