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त्याग की असाधारण मिसाल थे स्वामी करपात्री : बिंदेश्वर

त्याग की असाधारण मिसाल थे स्वामी करपात्री : बिंदेश्वर

लोहरदगा भंडरा के मसमानो में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की 111वीं जयंती मनायी गयी। आश्रम परिसर में स्थित करपात्री मन्दिर में सुबह हवन पाठ व विधिवत पूजा-अर्चना हुआ। आगन्तुक भक्तों द्वारा प्रतिमा पर पुष्पांजलि के पश्चात जयंती समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक बिंदेश्वर उरांव व अन्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस मौके पर स्वामी करपात्री जी के जीवन व कार्यों पर सभी वक्ताओं ने अपनी राय रखी। मुख्य रुप से लोगों को संबोधित करते हुए बिंदेश्वर उरांव ने कहा, धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी ने त्याग की असीम मिसाल प्रस्तुत किया।

आजीवन मानवीय जीवन के प्रति समर्पित रहे। आज भी उनके जीवन से सभी को प्रेरणा मिलती है। समाज करपात्री जी का हमेशा ऋणी रहेगा। उनके द्वारा गोरक्षा आंदोलन आज भी इतिहास का सबसे कठिन संघर्षों में से एक माना जाता है। उनके जीवन शिक्षा व सीख से भरा पड़ा है। स्वामी जी 8-9 वर्ष की आयु से ही सत्य की खोज हेतु घर से पलायन करते रहे। 9 वर्ष की आयु में सौभाग्यवती कुमारी महादेवी जी के साथ विवाह संपन्न होने के पश्चात 16 वर्ष की अल्पायु में गृहत्याग कर दिया। आज की युवा पीढ़ी को स्वामी जी के जीवन का अनुसरण करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नारायण कुमार ने किया। मौके पर स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, लाल त्रिलोकी नाथ शाहदेव, लाल लव किशोरनाथ शाहदेव, राजकुमार सिंह, अजय कुमार मित्तल, नन्दन कुमार, प्रमोद उरांव, सुनीता देवी, नीलम देवी, फुलमनी धान के साथ स्कूल के विद्यार्थी गण उपस्थित थे।

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  • Web Title:swami karpatri's birthday celebrated in Ashram