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लोहरदगालोहरदगा के सामाजिक संगठनों ने जनसहयोग से मुक्तिधाम का कायाकल्प किया

हिन्दुस्तान टीम,लोहरदगाPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:02 AM
लोहरदगा के सामाजिक संगठनों ने जनसहयोग से मुक्तिधाम का कायाकल्प किया

लोहरदगा। संवाददाता

कोविड काल में झारखंड के लोहरदगा में जनसहयोग से जो सबसे बढ़िया काम हुआ है, वह है- मुक्तिधाम का उन्नयन। इसे पूरा किया है, लोहरदगा के विभिन्न संगठनों के लोगों ने जो, जनसहयोग लेकर भसको- हरमू मुक्तिधाम का कायाकल्प कर दिया है। दरअसल कोरोना की वजह से लोहरदगा शहर और आसपास के इलाके में करीब इस साल डेढ़ सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है। अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचाना काफी कठिन हो रहा था। लगातार लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे थे। उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। देखते ही देखते चेंबर ऑफ कॉमर्स और सामाजिक विचार मंच जैसे संगठन के लोग आगे आए। जनप्रतिनिधियों का भी थोड़ा सहयोग मिला। नगर पर्षद ने भी इसमें दिलचस्पी दिखलाई। सिर्फ एक महीने के अंदर मुक्तिधाम का दृश्य ही बदल गया।

जब लोग अंतिम संस्कार के लिए जाते थे, तो न वहां बैठने की व्यवस्था थी, न अच्छा पहुंच पथ था, न पानी की व्यवस्था थी, न बिजली की व्यवस्था थी। इन तमाम चीजों को जनसहयोग से कई संगठनों ने मिलकर पूरा किया। इसमें यहां के व्यापारियों का भी भरपूर सहयोग मिला। अब यहां लोग जाएंगे, तो मुकम्मल व्यवस्था उपलब्ध रहेगा। डीप बोरिंग कर दिया गया है। लकड़ी घर बना दिया गया है। लकड़ी के इंतजाम कर दिए गए हैं। सप्लाई वाटर की व्यवस्था बना दी गई है। वर्षों से जो वहां ह्यूम पाइप इधर- उधर पड़े हुए थे। उसको सजाकर पार्क बना दिया गया है। इसे रंग कर धार्मिक और प्रेरक स्लोगन लिखा जाएगा। शव जलाने के शेड को दुरुस्त किया जा रहा है। दो बैठने के शेड को भी रंग रोगन कर दिया गया है। पहुंच पथ को बेहतरीन बना दिया गया है। इसे विस्तार दिया जा रहा है। सरकार और जनप्रतिनिधियों के सहयोग के बगैर भी बहुत कुछ समाज के लिए किया जा सकता है। यह उदाहरण यहां के लोगों ने प्रस्तुत किया है। जन सहयोग से संगठनों ने 15 लाख रुपए की राशि खर्च करने की स्थिति में आ गए हैं।

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