
कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहा है लोहरदगा
लोहरदगा जिला कड़ाके की ठंड से प्रभावित है, जहां तापमान 7-8 डिग्री के आसपास है। ठंडी हवा और घने कोहरे ने जनजीवन को मुश्किल बना दिया है। किसानों को आलू की फसल को नुकसान की आशंका है, और मजदूरों को काम पर पहुंचने में कठिनाई हो रही है। बाजार में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
लोहरदगा, प्रतिनिधि।लोहरदगा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है । मैदानी इलाकों में जहां न्यूनतम तापमान सात आठ डिग्री के आसपास रह रही है, तो वहीं जंगल पहाड़ के इलाकों में इससे भी दो से तीन डिग्री और नीचे तापमान चला जा रहा है। ऊपर से ठंडी हवा ने जीना दूभर कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्र में हवा की रफ्तार अधिक होने के कारण कनकनी अधिक है। साथ ही घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन और वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। कोहरे से सब्जियों की फसल, खासकर आलू की फसल को नुकसान होने की संभावना से किसान चिंतित हैं।
रोजाना दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गरीब तबके के लोगों की जिंदगी मुश्किलों में है। सुबह जल्दी कम पर लोग पहुंच नहीं पा रहे हैं। स्कूली बच्चों के लिए भी सुबह स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बाजार में गर्म कपड़ों की खरीददारी बढ़ गई है। सार्वजनिक जगहों पर अब तक अलाव की व्यवस्था सरकारी स्तर से नहीं की गई है। हालांकि इसकी जरूरत महसूस की जा रही है। क्योंकि बेघर बेसहारा लोगों को इससे काफी राहत मिलती है। कड़ाके की ठंड में भी घर से बाहर निकलने को मजबूर लोगों को इससे सहूलियत होती है। पाखर निवासी गणेश किसान और केकरांग के ललका नगेसिया का कहना है कि ठंड ने जीना मुहाल कर दिया है। ठिठुरन इतनी बढ़ गई है कि कंबलों से भी काम नहीं चल रहा है। मजदूरी के लिए ग्रामीण क्षेत्र से मजदूर शहर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

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