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भीषण गर्मी में पावर कट ने बढ़ाई परेशानी

लोहरदगा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पावर कट ने आम जनजीवन को बेहाल करके रख दिया है। एक तो भीषण गर्मी ऊपर से बिजली की कटौती, लो वोल्टेज, तार...

भीषण गर्मी में पावर कट ने बढ़ाई परेशानी
हिन्दुस्तान टीम,लोहरदगाSun, 26 May 2024 01:45 AM
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लोहरदगा, संवाददाता।
लोहरदगा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पावर कट ने आम जनजीवन को बेहाल करके रख दिया है। एक तो भीषण गर्मी ऊपर से बिजली की कटौती, लो वोल्टेज, तार गिरने और फ्यूज उड़ने की समस्या को और बढ़ा कर रख दिया है। पावर कट की वजह से आमलोग ठंडक पहुंचने वाले उपस्कर एसी, फ्रिज, कूलर और फैन होते हुए भी उसका उपयोग नही कर पा रहे हैं। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में 24 घंटे में 18 से 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 घण्टे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गर्मी की वजह से लो वोल्टेज, तार टूटने, फ्यूज उड़ने की समस्या बनी हुई है। इन कारणों से निपटने के लिए भी विभाग को पावर कट का सहारा लेना पड़ता है। गर्मी की वजह से जहां आम लोग दिन के वक्त घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, वहीं पावर कट की वजह से घर पर भी बेचैन हैं। रात में होने वाले पावर कट की वजह से रातों की नींद भी हराम है। गर्मी और पावर कट ने इन्वर्टर पर निर्भरता बढ़ा दी है। जिससे इन्वर्टर भी दो-तीन घण्टे में जवाब देने लगा है। पावर कट की वजह से उद्योग धंधों के साथ-साथ कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं शहरी जलापूर्ति पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

इस पर व्यवसायी राजेश महतो और मो साजिद का कहना है कि पावर कट का असर सबसे अधिक व्यवसाय पर पड़ता है। पावर कट की वजह से जहां आम आदमी गर्मी से परेशान रहता है, वहीं व्यवसायी उत्पादन प्रभावित होने और पावर कट की वजह से जेनरेटर चलने की स्थिति में आर्थिक बोझ से परेशान रहता है। किसान रोपण उरांव और भंवरा उरांव का कहना है कि बिजली की आवाजाही की वजह से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पटवन नही होने की स्थिति में खेतों में लगी फसल के सूखने के खतरा बना हुआ है। वहीं बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक खलखो का कहना है कि लोहरदगा जिले में 52 मेगावाट के विरुद्ध 25 से 30 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में ज्यादा समस्या नहीं है। कई बार कम आपूर्ति और मरम्मत की वजह से पावर कट का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा फ्यूज़ उड़ने, तार गिरने और तकनीकी खराबी की वजह से भी कई बार आपूर्ति बन्द करनी पड़ती है।

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