रेल यात्रा बनी मुसीबत, मेमू ट्रेन की कम बोगियां यात्रियों के लिए आफत
लोहरदगा-रांची रेलखंड पर चलने वाली मेमू ट्रेन में यात्रियों की संख्या हजारों में रहती है, जबकि केवल आठ बोगियां हैं। इससे यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे धक्का-मुक्की और जेबकतरी की...

लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा-रांची रेलखंड पर चलने वाले मेमू ट्रेन में पर सफर करना अब लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि मुसीबतें उत्पन्न कर रही है। रेलवे द्वारा चलाई जा रही इस ट्रेन में मात्र आठ बोगियां ही लगाई गई हैं। जबकि यात्रियों की संख्या हजारों में रहती है। नतीजा यह होता है कि ट्रेन खुलते ही सभी डिब्बे ठसाठस भर जाते हैं। लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर रहते हैं। सुबह और शाम के समय रेल यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस समय स्कूली बच्चे, कालेज छात्र, मजदूर, आफिस कर्मचारी और बाजार जाने वाले लोग सभी एक साथ यात्रा करते हैं।
ऐसे में न तो बैठने की जगह मिलती है और न ही खड़े होने की। धक्का-मुक्की, भगदड़ और हंगामे जैसी स्थिति रोजाना बनी रहती है। ट्रेन पर बढ़ी भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे भी हाथ की खूब सफाई दिखा रहे हैं। प्रतिदिन यात्रियों के जेब कट रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्स गायब हो रहे हैं। रेल यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में इतनी भीड़ रहती है कि किसी चोर को पकड़ना तक मुमकिन नहीं होता। भीड़ के कारण महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, बुजुर्ग और बीमार यात्रियों के लिए खड़े-खड़े सफर करना किसी सजा से कम नहीं है। वहीं महिला और दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीट पर भी रेल कर्मियों का कब्जा रहता है। बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे से बोगी बढाने की लगातार मांग की जा रही है। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि जब तक ट्रेन में कम से कम छह से आठ अतिरिक्त बोगियां नहीं जोड़ी जातीं, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके साथ ही यात्रियों ने ट्रेन और स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
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