मजदूरों का शोषण करने को केन्द्र सरकार लायी लेबर कोड- एक्टृ
लोहरदगा में ऐक्टू ने 12 फरवरी को राष्ट्र व्यापी हड़ताल की तैयारी की। इसमें 29 लेबर कानूनों को 04 लेबर कोड में बदलने पर केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया गया। ऐक्टू के नेताओं ने मोदी सरकार के 04 लेबर कोड को मजदूरों के लिए गुलामी का दस्तावेज बताया और इसके खिलाफ विरोध की आवश्यकता पर जोर दिया।

लोहरदगा, संवाददाता। दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्नान पर दिनांक 12 फरवरी को राष्ट्र व्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए ऐक्टू ने शुक्रवार को लोहरदगा में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 29 लेबर कानूनों को 04 लेबर कोड में परिवर्तित कर मजदूरों का शोषण-दोहन करने का केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया गया। ऐक्टू के राज्य सचिव सह अखिल भारतीय म्युनिसिपल वर्कर्स फेडरेशन, दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश कुमार सिंह ने कहा कि मोदी सरकार का 04 लेबर कोड मजदूरों के लिए गुलामी का दस्तावेज है,जो मजदूरों को दादा-परदादा के जमाने वाली स्थिति को पुनः बंधुआ मजदूर बनाने का खुला फरमान है।
जिसका विरोध नितान्त जरूरी है। क्योंकि बंधुआ मजदूरी में पुश्त-दर-पुश्त पढ़े, बिना पढ़े जवान बच्चे-बच्चियों को जमींदार के पूरे परिवार को आजीवन सेवा करना धर्म बताया जाता था। लेबर यूनियनों से बिना सलाह-मशवरा के 29 लेबर कानूनों को 04 लेबर कोड में तब्दील कर देश के विकास पर रोक लगाते हुए भारत को दुनिया का तीसरा अर्थशक्ति का देश कहने का झूठा प्रोपेगेंडा शुरू कर दिया गया।
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