Hindi NewsJharkhand NewsLohardaga NewsMahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act MGNREGA Crisis Allocation Issues Halt Projects in Lohardaga Villages
मनरेगा में आवंटन नहीं,  योजनाओं पर लगा ब्रेक

मनरेगा में आवंटन नहीं, योजनाओं पर लगा ब्रेक

संक्षेप:

लोहरदगा में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर संकट है। पंचायतों को उचित आवंटन नहीं मिलने से कई योजनाएं ठप्प पड़ी हैं। ग्रामीणों को काम नहीं मिल रहा है और कटनी-मिसनी का सीजन खत्म होने पर रोजगार का संकट बढ़ेगा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पलायन की स्थिति उत्पन्न होगी।

Nov 29, 2025 11:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लोहरदगा
share Share
Follow Us on

लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा गांवों में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार कई वर्षों से गंभीर संकट मंडरा रहा है और वह संकट है आवंटन का। पंचायतों को पर्याप्त आवंटन नहीं मिलने के कारण अधिकांश योजनाएं ठप्प पड़ गई है। गांव में ग्रामीणों को मनरेगा के तहत काम नहीं मिल पा रहा है। गांवों में स्थिति यह है कि कटनी-मिसनी का सीजन होने के कारण फिलहाल मजदूरों को गांव में ही थोड़ा-बहुत काम मिल जा रहा है, लेकिन जैसे ही कटनी का सीजन समाप्त होगा, मजदूरों के सामने रोजगार का संकट गहराने लगेगा और उन्हें रोजी- रोटी के जुगाड़ में दूसरे प्रदेशों में पलायन को मज़बूर होना पड़ेगा।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि आवंटन नही मिलने का असर आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर पलायन के रूप में दिखने लगेगा। आवंटन के अभाव में इस वर्ष बहुत सी मनरेगा योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई और जो शुरू भी हुई वह अब आवंटन के अभाव में ठप्प पड़ चुकी है। विभागीय अधिकारी के अनुसार पिछले वर्ष नवम्बर माह तक 7,80,862 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था वहीं वर्ष 2025-26 के नवम्बर माह तक में गत वर्ष की तुलना में 4,62,000 अधिक मानव दिवस का सृजन हो चुका है। इस वर्ष नवम्बर माह तक मानव दिवस सृजन का लक्ष्य 12,22,409 के विरुद्ध अब तक 12,42,862 मानव दिवस का सृजन हो चुका है जो 101.50 फीसदी है। मामले में मनरेगा मजदूरों ने बताया कि बकाया मजदूरी का भुगतान होने में 30 से 45 दिन का समय लग रहा है, ऐसे में हमे घर चलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां एक पखवाड़े में पैसा मिल जाया करता था वहीं अब एक महीने में भी भुगतान नही हो पा रही है। मामले में पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछली योजनाओं में इस्तेमाल सामग्री का भुगतान महीनों से अटका हुआ है, जिससे नए कार्य शुरू करना और कठिन हो गया है। भेंडर तक मैटीरियल देने से परहेज कर रहे हैं। आवंटन के अभाव में विभिन्न पंचायतों में तालाब खुदाई, मिट्टी भराई, दीदी बाड़ी, सिंचाई नाली, सिंचाई कूप, ट्रेंच,डोभा निर्माण, सड़क मरम्मती, मिट्टी-मोरमा आदि का काम प्रभावित हो रहा है साथ ही मजदूरों को काम भी नही मिल पा रहा है।