वार्ड संख्या 12 और 17 रहे सबसे चर्चित
लोहरदगा नगर निकाय चुनाव में वार्ड संख्या 12 और 17 सबसे चर्चित रहे। वार्ड 12 में भाजपा समर्थित अनिल उरांव के खिलाफ अब्दुल कादिर ने जीत दर्ज की। वहीं वार्ड 17 में अंजली कुमारी ने शिवांजली को हराकर जीत हासिल की। चुनाव परिणामों ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं और नगर विकास की दिशा में नई उम्मीदें जगी हैं।

वार्ड संख्या 12 और 17 रहे सबसे चर्चित लोहरदगा से न्यूज मैटर फाइल संख्या नौ--27 फरवरी टास्क.... वार्ड संख्या 12 और 17 रहे सबसे चर्चित भाजपा समर्थित प्रत्याशी और पूर्व नगर अध्यक्ष के बीच हुई सीधी टक्कर लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा नगर निकाय चुनाव में जहां वार्ड संख्या 12 और वार्ड संख्या 17 सबसे चर्चित रहे। वहीं भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनिल उरांव और पूर्व नगर अध्यक्ष पावन एक्का के बीच सीधी टक्कर रही। दोनो के बीच हुई कांटे की टक्कर में सियासी समीकरण बदल गया। नगर निकाय चुनाव में इस बार वार्ड संख्या 12 और 17 पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बने रहे।
दोनों ही वार्डों में प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही थी और नतीजों ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं। वार्ड 12 में जहां रिटायर्ड सेना जवान अब्दुल कादिर उर्फ छोटू ने अंजुमन के सदर रउफ अंसारी के पारंपरिक वार्ड पर अपनी जीत दर्ज की। दोनो के बीच सीधी और कड़ी टक्कर देखने को मिली। मतदान के बाद से ही दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे थे। हालांकि मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो गई और अब्दुल कादिर ने रउफ अंसारी को पराजित करते हुए वार्ड पार्षद की कुर्सी अपने नाम कर ली। स्थानीय लोगों का मानना है कि अनुशासन और सेवा की छवि का लाभ अब्दुल कादिर को मिला है। जबकि वार्ड 17 में निवर्तमान पार्षद की पकड़ बरकरार रही। वार्ड 17 में मुकाबला भी कम दिलचस्प नहीं था। यहां निवर्तमान वार्ड पार्षद शशि वर्मा की पत्नी अंजली कुमारी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शिवांजली आमने-सामने थीं। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रत्याशियों ने जोरदार जनसंपर्क अभियान चलाया। कांटे की टक्कर के बाद अंजली कुमारी ने शिवांजली को हराते हुए वार्ड 17 पर कब्जा बरकरार रखा। इसे अनुभव और संगठनात्मक पकड़ की जीत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं नगर अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी की जीत के बाद नगर क्षेत्र के समुचित विकास के दावे किए जा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि अब नगर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई की दिशा में तेज काम होगा। जानकारों का मानना है परिणामों का असर पूरे नगर परिषद क्षेत्र पर पड़ेगा।विकास योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता मिल सकती है। पारदर्शिता और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल शहरवासियों की निगाहें नए पार्षदों के पहले फैसलों और कार्यशैली पर टिकी हैं। चुनावी वादे जमीन पर उतरते हैं या नहीं, यह आने वाला समय तय करेगा।
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