
सेवानिवृति पर आचार्य गणेश प्रसाद साहू को दी गई भावभीनी विदाई
लोहरदगा के सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में आचार्य गणेश प्रसाद साहू के 38 वर्षों की सेवा के सम्मान में स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। आचार्य ने भावुक होकर विदाई भाषण दिया और विद्यालय को अपनी जड़ों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के संस्कारों के कारण ही उनके बच्चे आज अमेरिका में सफल हैं।
लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा शहर के सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में बुधवार को स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य गणेश प्रसाद साहू जी के सम्मान और विदाई स्वरूप आयोजित किया गया। जिन्होंने विद्यालय को अपनी सेवा के 38 अमूल्य वर्ष समर्पित किए।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, सचिव अजय प्रसाद, विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडेय, गणेश प्रसाद साहू और अभिभावक प्रतिनिधि राजेंद्र लाल शाहदेव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।आचार्य अशोक कुमार सिंह ने अनुभव कथन प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षक गणेश ने हमेशा पूर्ण तत्परता और निष्ठा के साथ विद्यालय के कार्यों को किया है।

उनके द्वारा पढ़ाए गए छात्र-छात्राएं आज न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित आचार्य से अलग होना विद्यालय परिवार के लिए एक भावुक क्षण है। अपने विदाई भाषण में आचार्य गणेश प्रसाद साहू अपने 38 वर्षों के कार्यकाल को याद कर भावविभोर हो गए और उनकी आंखें छलक आईं। उन्होंने कहा, यह विद्यालय ही मेरी मूल जड़ है। आज मैं जो कुछ भी हूं, इसी विद्यालय की देन है। इसी संस्था के संस्कारों का परिणाम है कि आज मेरे बच्चे अमेरिका के शिकागो शहर में एप्पल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं। मैं सदैव इस विद्यालय का ऋणी रहूंगा और जब भी विद्यालय परिवार को मेरी आवश्यकता होगी, मैं तत्परता से खड़ा मिलूंगा।

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