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बाईपास सड़क निर्माण योजना का सपना

लोहरदगा की बहु प्रतीक्षित बाईपास सड़क निर्माण योजना का सपना सच होते-होते टूटने की स्थिति बन गई है।19.9 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का निर्माण कुडू...

 बाईपास सड़क निर्माण योजना का सपना
हिन्दुस्तान टीम,लोहरदगाSun, 26 May 2024 02:00 AM
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लोहरदगा, प्रतिनिधि।
लोहरदगा की बहु प्रतीक्षित बाईपास सड़क निर्माण योजना का सपना सच होते-होते टूटने की स्थिति बन गई है।19.9 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का निर्माण कुडू प्रखंड के हिरही से सेन्हा तक होना है, जहां यह सड़क नेशनल हाईवे से मिल जाएगी।

वीकेएस कंस्ट्रक्शन रांची को 205 करोड़ की लागत से बाईपास सड़क निर्माण का ठेका मिला है। इसका अनुबंध 25 अगस्त 2022 को हुआ था और इसकी समय सीमा अगस्त 2024 में पूरी हो जाएगी। मगर अभी तक एक इंच काम नहीं हुआ है। बाईपास सड़क निर्माण के लिए जिन रैयतों की जमीन ली गई है, उनके भुगतान पर मामला अटका हुआ है। रैयत जमीन के दर से असंतुष्ट हैं। भू अर्जन विभाग और रैयतों के बीच की जिच बने रहने से यह आशंका बढ़ती जा रही है कि एग्रीमेंट के दो साल के भीतर सड़क निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में निर्माण एजेंसी कहीं अपना लाभांश लेकर परियोजना से पीछे न हट जाए। पिछले दिनों निर्माण एजेंसी के कर्मी जब फाइनल सर्वे और अलाइन लेवल ठीक करने साइट पर गए तो ग्रामीणों ने उन्हें काम करने से रोक दिया। जब तक मुआवजा भुगतान नहीं होगा तब तक काम नहीं करने को कहा। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग मुआवजे की संशोधित दर जारी कर चुका है।

पिछले दिनों बेटहट पंचायत क्षेत्र के प्रभावित रैयतों ने बैठक भी की। जिसमे प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण अंचल और जिला भू अर्जन अधिकारी को असहमति पत्र दिया गया है, फिर भी प्रशासन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रहा है। इस संबंध में जिला भू अर्जन अधिकारी से विभाग का पक्ष जानने के लिए बार-बार फोन करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जबकि लोहरदगा अंचल अधिकारी का फोन स्विच ऑफ मिला। गौरतलब है कि लोहरदगा मैं रोड ट्रैफिक और परिवहन को सुगम बनाने के लिए लंबे समय से बाईपास सड़क की मांग की जाती रही है। विभिन्न कारणों से यह योजना लटकती रही है। इस बार तो बाईपास सड़क का सपना पूरा होते-होते टूटता नजर आ रहा है।

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