DA Image
1 जनवरी, 2021|3:05|IST

अगली स्टोरी

कोरोना संकट में देवेन्द्र ने जनसेवा की मिसाल पेश की

default image

लोहरदगा। संवाददाता

लोहरदगा जिले में कोविड काल के दौरान मजिस्ट्रेट सह नगर परिषद लोहरदगा के कार्यपालक अधिकारी देवेंद्र कुमार अपने नाम के अनुरूप उल्लेखनीय कार्य किया है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने नागरिकों को यह दिखाया कि एक नागरिक के सजग होने से एक लाख लोगों को राहत मिल सकती है, लाभ हो सकता है। कोविड काल के दौरान उनके पिता का निधन हो गया। बावजूद वह जनता सेवा में तत्पर रहे।

दिन-रात वह कोविड काल के दौरान जन सेवा में जुटे रहे। 11 दीदी किचन संचालन दिन में होता था, जहां लाकडाउन में फंसे और जरूरतमंदों को खाना मिला। वह रात में भी सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में लगे रहे।

सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि देवेन्द्र ने नगर परिषद क्षेत्र के स्लम एरिया में रहने वाले गरीब परिवारों को और 48000 हजार जरूरतमंद परिवारों को तीन से चार बार उनके घर जा जाकर सूखा अनाज मुहैया कराया। भारी संख्या में आ रहे प्रवासी मजदूरों को ठहराने, उनके भोजन का इंतजाम और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के इंतजाम रात-रात जागकर करते रहे।

------

संकट काल में पशुओं का भी रखा ख्याल---

संकटकाल में पशुओं का भी ख्याल रखते हुए उन्होंने पशु दोस्ती रोटी का अभियान चलाया। लावारिस पशुओं के लिए जो कोविड काल में भूख से व्याकुल थे, उनकी भूख मिटाने और जान बचाने का काम किया।

इस दौरान शहरवासियों को पीने के पानी की दिक्कतें नहीं होने दीं।

उन्हें कई कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा।

---------

नगर पर्षद सील होने पर चलाया मोबाइल दफ्तर---

--------------

नगर परिषद कर्मियों को कोविड होने के कारण तीन दिन नगर पर्षद पूरी तरह से सील कर दिया गया था। इस दौरान नगर पर्षद कार्यपालक अधिकारी का अपना दफ्तर उन्होंने मोबाइल कर लिया और शहरवासियों की समस्याओं का निराकरण करते रहे। खास बात यह भी रही कि पूरे नगर परिषद क्षेत्र में उन्होंने सफाई को लेकर विशेष ध्यान दिया। गंदगी को लेकर भी कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Devendra sets an example of public service in the Corona crisis