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आदिवासी बहुल क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा हित में संघर्ष जारी रहेगा: बिन्देश्वर

आदिवासी बहुल क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा हित में संघर्ष जारी रहेगा: बिन्देश्वर

संक्षेप:

भंडरा, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के महामंत्री बिन्देश्वर उरांव ने लोहरदगा में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है और यह मांग केवल लोहरदगा तक सीमित नहीं है, बल्कि गुमला, लातेहार और पलामू के लिए भी है।

Nov 08, 2025 05:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लोहरदगा
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भंडरा, प्रतिनिधि। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा, झारखंड के प्रदेश महामंत्री बिन्देश्वर उरांव द्वारा लोहरदगा में सरकारी मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को भेजे गए अनुरोध पत्र को गंभीरता से लिया गया है। इस बाबत प्रदेश महामंत्री ने बताया कि पत्र गंभीरता से लेते हुए इसे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को अग्रसारित किया गया है। इसमें कहा है कि वर्तमान में लोहरदगा में मेडिकल कालेज की स्थापना का कोई प्रस्ताव मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है। क्योंकि यह जिला राज्य की राजधानी रांची से निकटता में आता है। बिन्देश्वर उरांव ने कहा कि यह जवाब हमारी आकांक्षाओं व भविष्य की जरूरतों को पूरा नहीं करता है।

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इसलिए अब इस विषय पर व्यापक जनसमर्थन और सशक्त तर्कों के साथ पुनः केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा। हमारी मांग केवल लोहरदगा तक सीमित नहीं है। बल्कि गुमला, लातेहार और पलामू के लाखों गरीब, आदिवासी और ग्रामीण जनता के हित से जुड़ी है। यह पूरा क्षेत्र उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा से वंचित है और इलाज, आपातकालीन सेवा और मेडिकल शिक्षा सबकी पहुंच में होनी चाहिए। आज भी इन जिलों के हजारों युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। आपातकालीन मरीजों के लिए रांची की दूरी कई बार जीवन और मौत का अंतर बन जाता है। उन्होंने कहा कि लोहरदगा में मेडिकल कालेज स्थापित होने से गुमला, लातेहार, पलामू व आसपास के जिलों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिलेंगी। आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। क्षेत्रीय रोजगार बढ़ेगा और स्वास्थ्य अवसंरचना मजबूत होगी। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित हो सकेगी।