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13 सालों से शोषण कर रही है सरकार : महासंघ

13 सालों से शोषण कर रही है सरकार : महासंघ

तेरह सालों से सर्वशिक्षा अभियान में सेवा दे रहे प्रखंड और संकुल साधनसेवियों ने सरकार पर शोषण का आरोप लगाया है। 29 जुलाई को प्रेस कांफ्रेंस में बीआरपी-सीआरपी संघ के नेताओं ने कहा कि 2004-05 में इनकी नियुक्ति की गई। राज्य भर में इनकी मौजूदा संख्या लगभग 3000 है। बीआरपी एवं सीआरपी का प्रमुख कार्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता की देखरेख करना व शिक्षात्मक गतिविधियों का अनुश्रवण करना है। इसके अलावा यह कर्मी समय दर समय अन्य प्रकार के विभागीय कार्य व सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारते नजर आते हैं। कर्मी शिक्षा विभाग के रीढ़ की हड्डी हैं, किंतु राज्य सरकार के लिए यह गले की हड्डी बन चुके हैं। इनके लिए राज्य सरकार द्वारा किसी प्रकार की नियमावली का निर्माण नहीं किया गया। उपेक्षित नजर से देखा गया।

अन्य कर्मियों को सम्मानजनक मानदेय व भत्ते के रूप में अन्य सुविधाएं सरकार द्वारा दी ज रही हैं, वहीं बीआरपी-सीआरपी मात्र 11-12 हजार के अल्प मानदेय में बिना किसी भत्ते के अपनी सेवा देते आ रहे हैं। 13 वर्षों से शोषण के शिकार हो रहे हैं। राज्य के सभी 3000 बीआरपी-सीआरपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

तेरह सालों के शोषण पर पत्रिका जारी की

कर्मियों ने शोषण के 13 वर्ष प्रपत्र को हाथ में लेकर त्राहिमाम किया व अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के प्रमाण स्वरुप पत्रिका भी जारी की। इसके पूर्व संघ की बैठक हुई। बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद सोनी के अलावा शैलेन्द्र कुमार, संतोष कुमार, जावेद अंसारी, इम्तियाज़ अंसारी, अरुण कुमार साहू, संजय कुमार, संजीव कुमार, नीलू गोयल,अम्बिका शरण पांडेय,जीतेन्द्र मित्तल,निधि गुप्ता,श्याम कुमार सिंह, दीपक कुमार,अनन्त कुमार शर्मा, उपेंद्र नाथ ठाकुर, शैलेश किसलय,अरविंद कुमार,निशा प्रसाद, निशि कुमारी, सरफराज अंसारी, निशांत कुमार, राहुल कुमार, दीनबंधु डे, विजय अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल, श्यामा मिश्रा, सीमा शर्मा, त्रिसंध्या प्रजापति, नंदिता साहू,विकास जायसवाल,श्री प्रकाश मिश्रा, सुशील रजक, अनिशुल अंसारी,महावीर साहू,नंद किशोर साहू, नीलेश खत्री, ओपन कुमार देवघरिया, हेमन्त पांडेय, गौतम पांडेय, सुशील कुमार, सुधीर ग्रवियल तिग्गा, प्रकाश राय, अपोलो मंजकन एक्का, मीना कुमारी, राशिदा खातून, रिंकू साहू, राहुल कुमार, दयानंद लकड़ा, विनोद कुमार, वीरेंद्र कुमार सहित जिले के सभी बीआरपी सीआरपी मौजूद थे।

सरकार के समक्ष आठ सूत्री मांगें रखीं

महासंघ ने सरकार के समक्ष आठ सूत्री मांगें रखी हैं। इसमें पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर झारखंड में एक ठोस नियमावली का निर्माण कर इन पदों को स्वीकृत कर स्थायीकरण करने, उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य में कार्यरत बीआरपी सीआरपी को सामान काम सामान वेतन का लाभ प्रदान किया जाए। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया व शिक्षा विभाग के रिक्त पदों पर बीआरपी-सीआरपी को आरक्षण का लाभ देने, अनुश्रवण भत्ता, प्रशिक्षण हेतु नामांकन सुनिश्चित किया जाए। बीआरपी-सीआरपी को ईपीएफ कटौती, ग्रुप बीमा एवं अर्जित अवकाश का लाभ प्रदान करने, आकस्मिक मृत्यु वाले कर्मियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और मानदेय भुगतान हर महीने करने की मांग शामिल है।

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  • Web Title:CRP-BRP write letter to PM against their exploitation